विधान परिषद में राजकीय हाईस्कूल के उच्चीकरण की मांग उठी

   विधान परिषद में राजकीय हाईस्कूल के उच्चीकरण की मांग उठी
दसवीं के बाद स्कूल छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं छात्र छात्राएं
– सदस्य विधान परिषद ने उच्च सदन में रखा प्रस्ताव
– अभिभावक व ग्रामीणों ने खुशी व्यक्त की
फोटो परिचय- विधान परिषद सदस्य अविनाश सिंह चौहान से मांग करते ग्रामीण।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। हसवा क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सदस्य विधान परिषद अविनाश सिंह चौहान ने विधान परिषद में राजकीय हाईस्कूल इकाई को उच्चीकृत करने की मांग उठाई है। उन्होंने इस संबंध में प्रमुख सचिव को प्रस्ताव सौंपते हुए विद्यालय को इंटर कॉलेज स्तर तक विज्ञान, गणित व वाणिज्य विषयों एवं प्रयोगशालाओं सहित उच्चीकृत किए जाने का प्रस्ताव दिया है।
राजकीय हाईस्कूल एकारी में कक्षा 10 तक की ही पढ़ाई की व्यवस्था है, जबकि इसके आसपास के करीब 25 से 30 गांवों के छात्र-छात्राएं यहां अध्ययन करते हैं। हाईस्कूल के बाद इंटर की सुविधा न होने के कारण विद्यार्थियों को दूर-दराज के क्षेत्रों या निजी विद्यालयों में पढ़ने को मजबूर होना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति बड़ी समस्या बन जाती है, जिससे कई बार बच्चों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है। एकारी ग्राम प्रधान मंजू साहू ने विद्यालय के उच्चीकरण को लेकर एक ज्ञापन एमएलसी अविनाश सिंह चौहान को सौंपा गया था। शीतकालीन सत्र शुरू होते ही एमएलसी ने इस मांग को सदन में उठाते हुए प्रमुख सचिव को प्रस्ताव भेजा। प्रस्ताव में विद्यालय को कक्षा 12 तक गणित, विज्ञान, वाणिज्य विषयों के साथ प्रयोगशाला सुविधा सहित उच्चीकृत करने की मांग की गई है। इस पहल से क्षेत्र में शीघ्र ही विद्यालय के उच्चीकरण की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस प्रयास के लिए एमएलसी अविनाश सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया है। जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण सिंह ने बताया कि शीघ्र ही इसके लिए डीपीआर बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
इनसेट-
संगठात्मक बैठक में पंहुचने पर एकारी प्रधान मंजू साहू ने राजकीय हाईस्कूल को उच्चीकृत करने के लिए आग्रह किया था। आज विधान परिषद में उच्चीकृत करने के लिए प्रस्ताव दिया गया है। इंटर तक विज्ञान व वाणिज्य की कक्षाएं चलने से छात्र छात्राओं को शिक्षा से वंचित नही होना पड़ेगा। अविनाश सिंह चौहान, सदस्य विधान परिषद।

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