साइबर विधि एवं पॉश अधिनियम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न

    जनपद न्यायालय सभागार, हमीरपुर में साइबर विधि एवं पॉश अधिनियम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न
रिपोर्ट संदीप धुरिया हमीरपुर– जनपद न्यायालय सभागार में गुरुवार को ‘साइबर विधि’ एवं ‘पॉश अधिनियम 2013’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर एवं गैर सरकारी संस्था जन साहस के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम तथा सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
माननीय जनपद न्यायाधीश ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर श्री मनोज कुमार राय ने मां सरस्वती को पुष्प अर्पित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं पॉश अधिनियम जैसे कानून महिलाओं की सुरक्षा और समाज को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि वे इस कानूनी जानकारी को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाएं।
70 प्रतिभागियों ने लिया भाग
कार्यशाला में जिला प्रोबेशन कार्यालय, थाना साइबर क्राइम, जन साहस एनजीओ तथा स्व. श्री सुरेश चन्द्र मिश्रा लॉ कॉलेज, हमीरपुर से कुल 70 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इनमें विद्यार्थी, शिक्षक, प्रोबेशन अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं एनजीओ प्रतिनिधि शामिल रहे। जनपद न्यायालय के सभी न्यायिक अधिकारीगणों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
साइबर विधि एवं पॉश अधिनियम पर विशेषज्ञ सत्र
माननीय जनपद न्यायाधीश श्री मनोज कुमार राय ने साइबर विधि एवं पॉश अधिनियम की प्रारंभिक जानकारी देते हुए बताया कि साइबर कानून सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 पर आधारित है, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी, हैकिंग, साइबर स्टॉकिंग एवं फेक न्यूज जैसे अपराधों पर नियंत्रण करता है। वहीं पॉश अधिनियम 2013 कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मार्गदर्शन
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर डॉ. महेन्द्र कुमार पाण्डेय ने मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए पॉश अधिनियम, साइबर विधि एवं पोक्सो अधिनियम 2012 पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर या यौन अपराध संबंधी घटना की सूचना तत्काल साइबर क्राइम थाना अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दी जानी चाहिए।
साइबर अपराध पर विशेष सत्र
अपर पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार गुप्ता ने साइबर अपराधों पर विशेष सत्र में फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाइन सट्टेबाजी एवं डीपफेक जैसे खतरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और संदिग्ध लिंक से बचाव कर अधिकांश साइबर अपराध रोके जा सकते हैं। साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के उपयोग पर भी जोर दिया।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर चर्चा
जन साहस एनजीओ के प्रतिनिधियों ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर प्रकाश डाला, जबकि लॉ कॉलेज के छात्रों ने पॉश अधिनियम से जुड़े मामलों की केस स्टडी प्रस्तुत की। जिला प्रोबेशन कार्यालय के अधिकारियों ने बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास पर जानकारी दी।
प्रमाण-पत्र वितरण व समापन
कार्यशाला के समापन सत्र में 70 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री महेन्द्र कुमार पाण्डेय ने सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की।
इस कार्यशाला से प्रतिभागियों में कानूनी जागरूकता को मजबूती मिली, जो समाज में विधिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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