प्रशासन की चुप्पी और मौरंग माफियाओं की मनमानी 

      प्रशासन की चुप्पी और मौरंग माफियाओं की मनमानी 

दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन — प्रशासन की आंखों के सामने मौरंग माफियाओं की खुली दबंगई जारी है। नियमों और कानून को ताक पर रखकर अपनी स्वीकृत गाटा सीमा से बाहर खनन किया जा रहा है। यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि हमारे इलाके और हमारी नदियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
★ जिले की सीमा भी बेअसर
मौरंग माफिया इतने बेखौफ हैं कि दूसरे जिले की सीमा में घुसकर भी अवैध उठान कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ खुलेआम हो रहा है, फिर भी खनिज विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती।
★ नदियों का सीना चीरती मशीनें
नदियों में प्रतिबंधित भारी मशीनें धड़ल्ले से चल रही हैं। पोकलैंड और जेसीबी जैसी मशीनें नदी की धार को बदल रही हैं, जिससे पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है। यह सिर्फ आज का नुकसान नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए खतरे की घंटी है।
★ केवटरा खंड संख्या: एक जीवंत उदाहरण
केवटरा खंड संख्या में संचालित मौरंग खंड इस अवैध खनन का जीता-जागता उदाहरण है, जहां नियम केवल कागजों तक सीमित नजर आते हैं।

सवाल जो जवाब मांगते हैं
क्या प्रशासन मौरंग? माफियाओं के आगे मजबूर है?
या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है?
आखिर कब होगी अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई?

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