साहित्य जगत के एक देदीप्यमान नक्षत्र का अस्त, प्रख्यात विद्वान डॉ. का निधन
साहित्य जगत के एक देदीप्यमान नक्षत्र का अस्त, प्रख्यात विद्वान डॉ. का निधन
साहित्य जगत के एक देदीप्यमान नक्षत्र का अस्त
– प्रख्यात विद्वान डॉ. ओमप्रकाश अवस्थी का निधन एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। जनपद के बौद्धिक आकाश और साहित्य जगत के लिए सोमवार का दिन एक अपूरणीय क्षति लेकर आया। एमजी डिग्री कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर, मूर्धन्य साहित्यकार और जिले के इतिहास को जीवंत करने वाले वयोवृद्ध विद्वान डॉ. ओमप्रकाश अवस्थी का सोमवार दोपहर लगभग तीन बजे निधन हो गया। वे 94 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे।
डॉ. अवस्थी मात्र एक शिक्षक नहीं, बल्कि फतेहपुर की ज्ञान-परंपरा के जीवंत संवाहक थे। उन्होंने कई दशकों तक जिले के साहित्यिक जगत का नेतृत्व किया। उनकी गणना जनपद के उन प्रकांड विद्वानों में होती थी, जिन्होंने अपनी लेखनी से इतिहास को अमर बनाया। विशेषकर जिले के इतिहास को लिपिबद्ध करने और उसे प्रमाणिकता प्रदान करने में उनका योगदान अद्वितीय रहा है। अपने जीवनकाल में उन्होंने अनेक पुस्तकों और स्मारिकाओं का लेखन कर साहित्य को समृद्ध किया। परिजनों के अनुसार डॉ. अवस्थी की अंतिम यात्रा मंगलवार को उनके निवास स्थान से प्रस्थान करेगी। उनका अंतिम संस्कार भिटौरा स्थित पवित्र गंगा घाट पर संपन्न होगा, जहाँ उनके परिजन, शिष्य और प्रशंसक उन्हें अंतिम विदाई देंगे। डॉ. अवस्थी के निधन पर स्थानीय साहित्यकार एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुधाकर अवस्थी ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि डॉ. ओमप्रकाश अवस्थी का निधन न केवल साहित्य जगत बल्कि पूरे जनपद के लिए एक युग का अंत है। वे ज्ञान के अक्षय भंडार और हम सभी के मार्गदर्शक थे। इतिहास लेखन और शैक्षिक जगत में उनके द्वारा छोड़ी गई रिक्तता को कभी भरा नहीं जा सकेगा। ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।