फर्जी जमीन रजिस्ट्री का खेल बेनकाब, पुलिस ने दो और इनामी अभियुक्त दबोचे

     फर्जी जमीन रजिस्ट्री का खेल बेनकाब*मटौंध पुलिस ने दो और इनामी अभियुक्त दबोचे

ब्यूरो सुरेंद्र धुरिया अज़रा न्यूज बांदा — जमीन जैसे मूल्यवान संसाधन पर फर्जीवाड़े का साया जब कानून की नजर में आता है, तो न्याय की प्रक्रिया भी उतनी ही सख्ती से आगे बढ़ती है। इसी क्रम में जनपद में अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत पलाश बंसल के निर्देशन में उत्तर प्रदेश पुलिस की थाना मटौंध पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने वाले दो और इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रकरण की पृष्ठभूमि 12 फरवरी 2026 को सामने आई, जब कोतवाली नगर क्षेत्र के खुटला निवासी देबिया पुत्र चैतुवा ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी लगभग 34 बीघा भूमि की कुछ लोगों द्वारा कूट रचना के जरिए फर्जी रजिस्ट्री करा ली गई है। यह केवल एक व्यक्ति की संपत्ति पर अतिक्रमण का मामला नहीं, बल्कि उस विश्वास पर भी आघात है जिस पर भूमि अभिलेख और कानूनी व्यवस्था आधारित होती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने थाना मटौंध में अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू की और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। लगातार दबिश और विवेचना के क्रम में 14 मार्च को दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को एक और सफलता 15 मार्च को मिली, जब भूरागढ़ बाइपास के पास से दो अन्य वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में आजम खान पुत्र अयूब खान निवासी बिजली खेड़ा थाना कोतवाली नगर तथा भागवत प्रसाद उर्फ बबलू पुत्र विष्णु निवासी जौरही थाना कोतवाली देहात जनपद बांदा शामिल हैं।
इस मामले में मु0अ0सं0 29/26 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा SC/ST Act की धारा 3(2)(5) के तहत अभियोग दर्ज है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में थाना मटौंध के प्रभारी निरीक्षक दीपेन्द्र सिंह, महिला उपनिरीक्षक सृष्टि नगायच, कांस्टेबल रवि कुमार, कांस्टेबल शिवम कुमार तथा पीआरडी जवान सुनील कुमार शामिल रहे।
यह कार्रवाई केवल दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी भर नहीं, बल्कि उस संगठित प्रवृत्ति पर प्रहार है जो कागजों की कूटरचना के माध्यम से दूसरों की जमीन और अधिकारों पर कब्जा करने का दुस्साहस करती है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है और पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि इस फर्जीवाड़े की जड़ तक पहुंचा जा सके।

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