रेलवे परिसर में बैनर विवाद, पत्रकारों से दुर्व्यवहार के आरोप से मामला गरमाया
रेलवे परिसर में बैनर विवाद, पत्रकारों से दुर्व्यवहार के आरोप से मामला गरमाया
रेलवे परिसर में बैनर विवाद, पत्रकारों से दुर्व्यवहार के आरोप से मामला गरमाया
ब्यूरो सुरेंद्र धुरिया अज़रा न्यूज बांदा — बांदा रेलवे स्टेशन परिसर में बिना अनुमति बैनर लगाने को लेकर शुरू हुआ मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की कार्रवाई के दौरान पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप सामने आने से पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है।
जानकारी के अनुसार, 22/23 तारीख की रात करीब 12 बजे दो युवक रेलवे स्टेशन परिसर में बैनर लगा रहे थे। रेलवे नियमों के तहत स्टेशन परिसर में किसी भी प्रकार का बैनर या प्रचार सामग्री लगाने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होता है। इसी आधार पर RPF के एएसआई संतोष कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर RPF पोस्ट ले गए।
पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप बना विवाद का केंद्र — मामले की सूचना मिलने पर पत्रकार नीरज निगम (RPASP), युवा जिला अध्यक्ष मौके पर पहुंचे। आरोप है कि जानकारी लेने पहुंचे पत्रकार को भी जबरन बैठा लिया गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
घटना यहीं तक सीमित नहीं रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बनी और एक महिला पत्रकार के साथ भी अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया। इस घटना ने पत्रकार समुदाय में भारी नाराजगी पैदा कर दी है।
पत्रकारों में रोष, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है। पत्रकारों का कहना है कि यदि कानून का पालन कराया जा रहा था तो उसमें पारदर्शिता और सम्मानजनक व्यवहार भी जरूरी है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, यह मामला रेलवे प्रशासन और पत्रकारों के बीच टकराव का रूप लेता दिख रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है।
एक सवाल और क्या रेलवे प्रशासन के नियमों RPf में महिला पुलिस कि तैनाती नहीं होती?