वार्षिक मेले में दूर-दूर के गांवों से आते लोग, मन्नते पूरी होने पर चढ़ाते हैं फरहरा

     मन्नते पूरी होने पर चढ़ाते हैं फरहरा
– वार्षिक मेले में दूर-दूर के गांवों से आते लोग
फोटो परिचय-  मंदिर में पूजा-अर्चना करतीं महिलाएं।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ खागा, फतेहपुर– हरदों गांव स्थित बड़े भीट बाबा के मेले में भारी भीड़ उमड़ी। वार्षिक मेले में तहसील क्षेत्र के अलावा दूर गांवों से लोग पहुंचे। मन्नतें पूरी होने के बाद लोग यहां पर झंड़े चढ़ाते हैं। हरदों गांव स्थित बड़े भीट बाबा देवस्थान का अलग ही महत्व है। क्षेत्रीय लोगों की बाबा के प्रति बेहद आस्था है। ऐसा कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी बेकार नहीं जाती है।
शुक्रवार भोर पहर से ही चार पहिया, टेंपो, ट्रैक्टर, दो पहिया आदि वाहनों का मेला प्रांगण में जमावड़ा लगना शुरु हो गया। तेज धूप की चिंता किए बगैर स्त्री, पुरुष व बच्चे बड़े भीट बाबा के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। देवस्थान तक जाने वाले रास्तों में दिन भर श्रृद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। मेले में सजी सौंदर्य प्रशाधन तथा घर-गृहस्थी की दुकानों में महिलाओं की भारी भीड़ रही। सुरक्षा के लिहाज से कोतवाली पुलिस, महिला पुलिस की मुस्तैदी देखने को मिली। आगजनी की घटना से निपटने के लिए दमकल की गाड़ी को मुस्तैद किया गया था। कमेटी अध्यक्ष रामगोपाल सिंह, रामकुमार सिंह, रामप्रकाश, शनि, रामू, सुरेन्द्र परिहार, विष्णु आदि लोग मेला व भंडारे की व्यवस्था में डटे रहे।
इनसेट-
मटकी सुराही की दुकानों में दिखी भीड़
इस बार मिट्टी के बर्तनों में मंहगाई हावी रही। दुकानदारों की मानें तो मिट्टी से लेकर मजदूरी तक मंहगी हो चुकी है। पिछले वर्ष की अपेक्षा बर्तनों की कीमतों में डेढ़ गुना बढ़ोत्तरी देखी गई। रागिनी, पूजा, वैशाली, अनन्या, शुभी, सहर्ष तिवारी, शिवानी, काजल तिवारी, शिवम, रवि केसरवानी आदि लोगों का कहना था प्रति वर्ष मेले से मिट्टी के बर्तन खरीदकर ले जाते हैं। बिना बर्तन खरीदे घर वापसी में स्वजन से फटकार मिलती है।

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