छह माह बाद भी बोखर महिला हत्याकांड का खुलासा नहीं, उठे गंभीर सवाल

    छह माह बाद भी बोखर महिला हत्याकांड का खुलासा नहीं, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
 

संदीप धुरिया अजरा न्यूज़ हमीरपुर — – जनपद के जरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बौखर गांव में हुई शीला रानी हत्याकांड को छह माह का लंबा समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करने में नाकाम रही है। हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से जहां पीड़ित परिवार में गहरा आक्रोश है, वहीं ग्रामीणों का पुलिस और प्रशासन पर से भरोसा लगातार कमजोर होता जा रहा है।
गौरतलब है कि बीते वर्ष 20 सितंबर की रात अज्ञात हमलावरों ने बौखर निवासी शीला रानी (पत्नी नंदराम) की उनके ही घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस जघन्य वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बन गया था। परिजनों का आरोप है कि न्याय की मांग को लेकर उन्होंने थाने से लेकर जिला मुख्यालय और शासन स्तर तक कई बार गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस की कथित निष्क्रियता से आहत पीड़ित परिवार भय के चलते गांव छोड़ने को मजबूर हो गया है। वहीं, घटना के बाद स्थानीय नेताओं ने भी बड़े-बड़े दावे किए थे। भाजपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष सुनील पाठक ने एक सप्ताह में खुलासे का आश्वासन दिया था और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर सीबीसीआईडी जांच कराने की बात कही थी, लेकिन छह महीने बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
पुलिस की धीमी कार्यप्रणाली के विरोध में ग्रामीणों और लोधी समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सैकड़ों लोगों ने पहले जरिया स्टैंड से तहसील परिसर तक कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और जल्द खुलासे की मांग की थी। इसके बावजूद मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
पीड़ित परिवार ने सम्पूर्ण समाधान दिवस, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, मुख्यमंत्री दरबार और यहां तक कि विपक्ष के नेता अखिलेश यादव से भी न्याय की गुहार लगाई, लेकिन नतीजा अब तक शून्य ही रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतका की बेटी स्वयं पुलिस विभाग में कार्यरत है, इसके बावजूद वह अपनी मां के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। लगातार अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद भी उसे न्याय की उम्मीद अधूरी ही नजर आ रही है।
यह मामला अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है—क्या हमीरपुर पुलिस छह महीने में भी हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई? क्या महिलाओं की सुरक्षा केवल कागजी दावों तक सीमित रह गई है? आखिर कब पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा?
वहीं क्षेत्राधिकारी सरीला शाहरुख खान का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। हालांकि, लंबे समय से मिल रहे आश्वासनों के कारण अब जनता का भरोसा भी डगमगाता नजर आ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *