एनसीईआरटी के जर्नल में प्रकाशित हुआ जिले के शिक्षक आनंद मिश्र का अनूठा शोध

   बच्चों को शिक्षा देकर अब अपनी भूल सुधारेंगे
– एनसीईआरटी के जर्नल में प्रकाशित हुआ जिले के शिक्षक आनंद मिश्र का अनूठा शोध
– अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले अभिभावकों पर की रिसर्च
फोटो परिचय- आदर्श शिक्षक आनंद कुमार मिश्र।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर– हम तो गरीबी और मजबूरी में पढ़ नहीं पाए लेकिन अब अपने बच्चों की तकदीर वैसी नहीं होने देंगे जैसी हमारी थी। हम अपनी गलती नहीं दोहराएंगे। यह मार्मिक स्वीकारोक्ति उन अभिभावकों की है, जिन्होंने कभी अभावों के चलते स्कूल का दरवाजा छोड़ दिया था।
ऐरायाँ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर के आदर्श शिक्षक आनंद कुमार मिश्र के एक शोध ने शिक्षा के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में अभिभावकों की बदलती सोच को उजागर किया है। उनके इस शोध को एनसीआरटी नई दिल्ली ने अपने प्रतिष्ठित जर्नल प्राथमिक शिक्षक के ताजा अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया है। यह शोध उन श्ड्रॉप-आउटश् अभिभावकों की मानसिकता पर आधारित है, जो आज अपने बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं। शोध के आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण अंचलों में शिक्षा छूटने का सबसे बड़ा विलेन गरीबी रही है। करीब 46 प्रतिशत अभिभावकों ने माना कि घर की आर्थिक तंगी के कारण उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी लेकिन चैंकाने वाली बात यह है कि आज 96.5 प्रतिशत अभिभावकों को इस बात का गहरा मलाल है कि वे कम से कम आठवीं तक भी नहीं पढ़ सके।
इनसेट-
अभिभावकों को समझ आया शिक्षा का मोल
शिक्षक आनंद मिश्र के शोध में एक सुखद बदलाव यह दिखा कि अब अभिभावक जागरूक हो चुके हैं। 98.5 प्रतिशत अभिभावकों ने अब शिक्षा के महत्व को स्वीकार किया है। वे अब बच्चों को केवल स्कूल ही नहीं भेज रहे, बल्कि उन्हें 14 वर्ष की आयु तक हर हाल में पढ़ाने का संकल्प ले चुके हैं।
इनसेट-
आनंद को मिल चुके कई सम्मान
शिक्षक आनंद कुमार मिश्र को प्राथमिक शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में कई सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। उनके नेतृत्व में विद्यालय के छात्रों ने राज्यपाल, मुख्य सचिव समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात की है। कुछ समय पूर्व ही विद्यालय के पुस्तकालय ‘मुस्कानालय’ को प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण मॉड्यूल में जगह मिली है। श्री आनंद को बीते वर्ष राज्य स्तर पर यूपी एडूलीडर्स अवार्ड भी मिला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *