चैंबर से बाहर निकलीं डीएम, फरियादियों की भीड़ देख सुनी पीड़ा

      चैंबर से बाहर निकलीं डीएम, फरियादियों की भीड़ देख सुनी पीड़ा
– जनसुनवाई में 24 शिकायतें पहुंचीं, अफसरों को फटकार के साथ निस्तारण के निर्देश
फोटो परिचय-  चैंबर के बाहर खड़े होकर पीड़ितों की समस्याएं सुनतीं डीएम।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर– कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को फरियादियों की बढ़ती भीड़ देख जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स खुद अपने चैंबर से बाहर निकल आईं और लाइन में खड़े पीड़ितों की समस्याएं एक-एक कर सुनीं। डीएम को सामने पाकर ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों ने खुलकर अपनी पीड़ा रखी। किसी ने जमीन कब्जे की शिकायत की तो किसी ने राजस्व, पुलिस और विकास विभाग की लापरवाही का दर्द सुनाया। जनसुनवाई के दौरान कुल 24 शिकायतें दर्ज हुईं, जिन पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट परिसर में जनसुनवाई चल रही थी, लेकिन फरियादियों की लंबी कतार और इंतजार से परेशान लोगों को देखकर डीएम निधि गुप्ता वत्स ने संवेदनशीलता दिखाते हुए औपचारिकता छोड़ सीधे जनता के बीच पहुंचने का फैसला किया। चौंबर से बाहर निकलकर उन्होंने कुर्सी लगवाई और मौके पर ही प्रार्थना पत्र लेने शुरू कर दिए। डीएम का यह बदला अंदाज देखकर फरियादियों में उम्मीद जगी और लोगों ने खुलकर अपनी शिकायतें रखीं। जनसुनवाई में राजस्व विवाद, अवैध कब्जा, पेंशन, पुलिस कार्रवाई, नाली-खड़ंजा, राशन कार्ड और विभागीय लापरवाही से जुड़ी शिकायतें सबसे अधिक रहीं। जिलाधिकारी ने कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को फोन मिलाकर जवाब तलब किया, जबकि लंबित मामलों पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने साफ कहा कि जनता की शिकायतों में लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी और प्रत्येक प्रार्थनापत्र का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण सिर्फ कागजों में नहीं बल्कि मौके पर जाकर कराया जाए, ताकि पीड़ितों को बार-बार कलेक्ट्रेट के चक्कर न लगाने पड़ें। जिलाधिकारी के जनता के बीच पहुंचकर समस्याएं सुनने से फरियादियों ने राहत महसूस की और प्रशासनिक सक्रियता की चर्चा पूरे दिन कलेक्ट्रेट में होती रही।


इनसेट-
जनता के बीच पहुंचने से बदला माहौल
आमतौर पर अफसरों के चैंबर तक सीमित रहने वाली जनसुनवाई शुक्रवार को अलग नजर आई। डीएम के खुद बाहर आकर शिकायतें सुनने से फरियादियों में भरोसा जगा कि उनकी आवाज सीधे जिले के मुखिया तक पहुंच रही है।

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