प्रतिदिन होती है दुर्घटनाओं से आंख मिचौली,, प्रशासन अंजान या संलिप्त बड़ा सवाल ?
प्रतिदिन होती है दुर्घटनाओं से आंख मिचौली,, प्रशासन अंजान या संलिप्त बड़ा सवाल ?
प्रतिदिन होती है दुर्घटनाओं से आंख मिचौली,, प्रशासन अंजान या संलिप्त बड़ा सवाल ?
👉 बिना पार्किंग चल रहे “गुप्ता होटल” के सामने मात्र बीस फुट के हाईवे पर गुजरते है हैवी वाहन
👉 हर समय बना रहता है दुर्घटना होने का डर, ग्राहक वाहन और हाइवे वाहन के बीच रहता है मात्र दो से तीन फिट का अंतर
👉 24 घंटे चलने वाली “गुप्ता होटल” के ऑनर पर किसी आशंका का कोई फर्क नहीं
👉 अपनी बेसिक सर्विस पर फेल “गुप्ता होटल” में ग्राहको की असंतुष्टि का देखा जाना असहज
👉 बिना दस्ताना व सेफ्टी प्लक के वेटर अपने खुले हाथों से ग्राहकों को सर्व करता है सलाद
👉 शुद्धता व सफाई की अनदेखी खाद्य विभाग पर उठ रहे सवाल ?
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर
फतेहपुर – जिले के थाना कल्याणपुर अंतर्गत चौड़गरा हाइवे स्थित “गुप्ता होटल” पर इन दिनों उठ रहे तमाम सवाल,,, खाने की दावत या मौत की दावत,, ऐसे गंभीर चर्चाओं के बीच होटल बेखौफ संचालित है।
यहां सवाल प्रशासन के खाद्य विभाग पर भी है जो अपनी सक्रियता के चलते शहर की छोटी मोटी मिठाई की दुकानों तक पहुंच कर खोवा और मैदे का सैंपल भर कर चालान कर अपनी पीठ थपथपाते नज़र आते है। लेकिन ऐसी बड़ी होटलों तक खाद्य विभाग की न तो निगाह है न पहुंच,,, जो अपनी मानक क्षमता से कहीं दूर अपनी मनमानी बेधड़क कर रहे। और लोगों के जान, जीवन और जिंदगी से खेल कर अपना कुबेरी खजाना भर रहे।
आप वीडियो में साफ तौर पर देख सकते है कि बिना मानक के चल रहे “गुप्ता होटल” में पार्किंग की जगह पर जहानाबाद से कानपुर गुज़रने वाले भारी वाहन किस तरह से किसी अनहोनी को छू कर निकल रहे।
मात्र पच्चीस से तीस फिट हाईवे सर्विस लेन पर स्थित “गुप्ता होटल” में ग्राहक के खड़े वाहन और गुजरते वाहन से मात्र दो या तीन फिट की दूरी रहती है। फिर क्या इतनी खुली लापरवाही से क्षेत्रीय पुलिस बिल्कुल अंजान है या संलिप्त है।
ऐसे सवाल उठने लाज़मी हैं।
गुजरे समय की बात तो मानी जा सकती है कि “गुप्ता होटल” का खाना लज़ीज़ रहा। जिसके चलते ग्राहकों का होटल जाना भी लाज़मी है। फिर क्या अपनी पुरानी प्रसिद्धि के चलते होटल मालिक अब अपनी मनमानी पर उतारू है। और ग्राहकों की शिकायत भी सुनने को तैयार नहीं। मात्र एक वेटर जो बिना दस्ताना व सेफ्टी प्लक के खुले हाथों से प्याज और खीरा की सेवा करता नज़र आता है। सब कुछ देख और जानकर भी होटल मालिक गद्दी पर बैठे रहते है। यदि किसी ग्राहक द्वारा शिकायत की जाए तो सब ठीक है कहकर बेबाक जवाब मिल जाता है। आखिर खाने की होटल “गुप्ता होटल” की इस ताकत के पीछे किस तरह की ताकत का छिपा मुजाहिरा है ये सवाल भी उठता नजर आ रहा।
अब देखना ये है कि प्रशासन किस तरह जीवन, स्वास्थ्य और दुर्घटाओं की कतार पंक्ति को देख कर कार्रवाई तक पहुंचेगा या यूं ही खामोशी से सब चलता रहेगा – अज़रा न्यूज फतेहपुर