विषय भोग के लिए नहीं मिला जीवन, श्रेष्ठ कर्मों से मिलते भगवान : आचार्य
विषय भोग के लिए नहीं मिला जीवन, श्रेष्ठ कर्मों से मिलते भगवान : आचार्य
विषय भोग के लिए नहीं मिला जीवन, श्रेष्ठ कर्मों से मिलते भगवान: आचार्य
– कथा में पहुंचे संतोष तिवारी ने की व्यास पीठ की आरती पूजन
फोटो परिचय- आचार्य को पटका पहनाकर सम्मानित करते संतोष तिवारी। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज चौडगरा, फतेहपुर। मलवां विकास खंड के पहरवापुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य राघव जी महाराज ने राजा परीक्षित द्वारा जाने-अनजाने में समीक ऋषि के गले में मरा हुआ सांप डालने की घटना व शृंगी ऋषि द्वारा उन्हें सातवें दिन तक्षक नाग के काटने का शाप मिलना के प्रसंग सुनाए।
उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। उसका सारा ध्यान सांसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है। मानव जीवन का उद्देश्य कृष्ण प्राप्ति शाश्वत है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का उद्देश्य कृष्ण को पाकर ही जीवन छोड़ना है और अगर हम ये दृढ़ निश्चय कर लेंगे कि हमें जीवन में कृष्ण को पाना ही है तो हमारे लिए इससे प्रभु से बढ़कर कोई और सुख, संपत्ति या सम्पदा नहीं है। कथा में पहुंचे भाजपा नेता संतोष तिवारी, युवा विकास समिति के प्रवक्ता आलोक गौड़ ने व्यास पीठ पर पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर आदर्श चौहान, दीपक सिंह चौहान सहित मुख्य यजमान कमलेश, जगरूप तोमर, जयराम तोमर, वीरेंद्र तोमर, राहुल तोमर, खुशबू तोमर, योगेंद्र सिंह, बृजेश सिंह, अंशू सिंह, किरन सिंह, धीरू सिंह, आकाश मिश्रा, निखिल, संजू, शंशाक, राहुल आदि रहें।