हार्ट मरीजों के लिए बड़ी राहत! बिना स्टेंट के भी खुल सकती है दिल की बंद नस, नई स्टडी में सामने आई तकनीक

नई दिल्ली। हृदय रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब कुछ विशेष परिस्थितियों में दिल की धमनियों में आई रुकावट को बिना स्टेंट लगाए भी खोला जा सकता है। एक नई स्टडी में ऐसी तकनीक के परिणाम सामने आए हैं, जिसमें दवाओं के विशेष प्रभाव और आधुनिक कैथेटर प्रक्रिया की मदद से रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाता है।

आमतौर पर हार्ट की नसों में ब्लॉकेज होने पर एंजियोप्लास्टी के जरिए स्टेंट लगाया जाता है, ताकि रक्त का प्रवाह सामान्य हो सके। हालांकि, हर मरीज के लिए स्टेंट ही एकमात्र विकल्प नहीं होता। कुछ मामलों में दवाओं और अन्य उपचार पद्धतियों से भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

बिना स्टेंट के ब्लॉकेज खोलने की तकनीक पर अध्ययन

नई रिसर्च में कोरोनरी आर्टरी डिजीज से पीड़ित मरीजों के उपचार के वैकल्पिक तरीकों का अध्ययन किया गया है। इसमें विशेष रूप से उन मरीजों पर ध्यान दिया गया, जिनकी हृदय की धमनियों में गंभीर रुकावट है और जिनमें सामान्य उपचार के विकल्प सीमित हो सकते हैं।

इस तरह की प्रक्रियाओं में बैलून कैथेटर और विशेष उपकरणों की मदद से रक्त वाहिकाओं में रक्त प्रवाह सुधारने का प्रयास किया जाता है। कुछ तकनीकों में धमनियों की दीवारों पर जमा कैल्शियम को भी हटाया या संशोधित किया जाता है, जिससे रक्त का रास्ता बेहतर हो सके।

हर हार्ट मरीज के लिए जरूरी नहीं होता स्टेंट

डॉक्टरों के अनुसार, हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज होने का मतलब यह नहीं है कि प्रत्येक मरीज को स्टेंट लगवाना ही पड़ेगा। उपचार का निर्णय ब्लॉकेज की गंभीरता, उसकी जगह, मरीज के लक्षणों और हृदय की कार्यक्षमता को ध्यान में रखकर लिया जाता है।

कुछ मरीजों को दवाओं, जीवनशैली में बदलाव और नियमित निगरानी से लाभ मिल सकता है। वहीं, गंभीर स्थिति में एंजियोप्लास्टी या बाईपास सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।

नई तकनीक से जटिल मामलों में मिल सकती है मदद

हृदय की धमनियों में लंबे समय से जमा कैल्शियम और जटिल ब्लॉकेज का उपचार करना डॉक्टरों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसी परिस्थितियों में आधुनिक कैथेटर आधारित तकनीकें उपचार के विकल्प बढ़ा सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई तकनीकों से कुछ मरीजों में स्टेंट की आवश्यकता कम करने या वैकल्पिक उपचार उपलब्ध कराने की संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। हालांकि, इनके लाभ और सुरक्षा का आकलन बड़े स्तर पर किए गए क्लिनिकल परीक्षणों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

हृदय रोगों से बचाव के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित खानपान, धूम्रपान से दूरी और रक्तचाप तथा कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना जरूरी है। मधुमेह से पीड़ित लोगों को भी नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।

सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक पसीना या अचानक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

महत्वपूर्ण: बिना स्टेंट के ब्लॉकेज खोलने की तकनीक हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं है। स्टेंट लगवाने या उसके विकल्प का निर्णय हृदय रोग विशेषज्ञ द्वारा जांच और एंजियोग्राफी रिपोर्ट के आधार पर ही किया जाना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बिना निर्धारित दवाएं बंद नहीं करनी चाहिए।

नई तकनीकों पर हो रहा शोध हृदय रोगियों के उपचार के विकल्पों को व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

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