नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों की ओर से आयोजित महारैली के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं और देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बचाने के नाम पर विपक्ष देश में अराजकता फैलाना चाहता है।
हरियाणा के रोहतक में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनी हुई सरकार को चुनौती देने और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करने का प्रयास कर रहा है।
विदेशी ताकतों के एजेंडे पर काम करने का लगाया आरोप
नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे विदेशी ताकतों के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके मुताबिक, कुछ विदेशी ताकतें भारत में अस्थिरता पैदा करना चाहती हैं और विपक्षी नेता उनके इशारे पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास कर रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश में सरकार जनता के जनादेश से बनती है और संविधान के अनुसार चलती है। किसी राजनीतिक दल या परिवार की इच्छा से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था संचालित नहीं हो सकती।
विपक्ष की महारैली के जवाब में भाजपा की पदयात्रा
दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन इंडिया की ओर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित की गई थी। इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए थे।
विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग को घेरा। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई।
इसके जवाब में भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत देशभर में पदयात्राएं आयोजित करने की रणनीति बनाई। रोहतक में निकाली गई पदयात्रा में राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी भी मौजूद रहे।
जनादेश स्वीकार करने पर कांग्रेस से पूछे सवाल
नितिन नवीन ने कांग्रेस पर चुनावी नतीजों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में चुनाव जीतती है तो उसे लोकतंत्र की जीत बताती है, लेकिन हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में हार मिलने पर लोकतंत्र खतरे में होने की बात करती है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि है और सभी राजनीतिक दलों को उसका सम्मान करना चाहिए। भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया।
1984 के सिख दंगों का भी उठाया मुद्दा
भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उस घटना के लिए सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए थी, लेकिन पार्टी ने उसी दिन दिल्ली में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया।
नितिन नवीन ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनता के जनादेश और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से विपक्ष के आरोपों का राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने का आह्वान किया।
इस तरह दिल्ली में विपक्ष की महारैली और भाजपा की जवाबी पदयात्रा के बाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां विपक्ष मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा विपक्ष के आंदोलन को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए उसके आरोपों को खारिज कर रही है।
