यूपी में चुनावी तैयारियों को धार देगी भाजपा, पीएम मोदी मंडलों और अमित शाह जिलों में करेंगे जनसभाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 और लोकसभा चुनाव 2029 को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने और 2029 के लोकसभा चुनाव में अपनी सीटों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उतारने की रणनीति तैयार की गई है।

भाजपा की योजना के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जनसभाएं करेंगे, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जिला स्तर पर सभाओं और संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से कार्यकर्ताओं से संपर्क साधेंगे। प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में चुनावी तैयारियों को लेकर इस रणनीति पर चर्चा की गई है।

कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस

पार्टी की चुनावी रणनीति में उन मंडलों और जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा था। इन क्षेत्रों में जनसभाओं, संगठनात्मक बैठकों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद के जरिए पार्टी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेगी। इसके बाद शहरी क्षेत्रों और उन सीटों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जहां पार्टी की स्थिति पहले से मजबूत मानी जाती है।

भाजपा का मानना है कि उत्तर प्रदेश में मजबूत प्रदर्शन आगामी लोकसभा चुनाव के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगा। इसी उद्देश्य से पार्टी ने विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर अपनी दीर्घकालिक रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है।

बूथ प्रबंधन को मजबूत करने की तैयारी

चुनावी अभियान को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा संगठनात्मक स्तर पर भी सक्रिय है। पार्टी के अनुसार, प्रदेश के सभी 1,918 मंडलों के अंतर्गत आने वाले 1,77,516 बूथों का एक ही दिन में सत्यापन किया गया है। अब बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

इसके साथ ही प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिलों में वरिष्ठ नेताओं के दौरे और चुनावी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। नवंबर के मध्य तक जिला और विधानसभा स्तर के प्रभारियों से आवश्यक सूचियां तैयार करने को कहा गया है। इसके बाद प्रदेशभर में जनसभाओं और संगठनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से चुनाव प्रचार को गति देने की तैयारी है।

राजनीतिक चुनौतियों को लेकर भी सतर्क भाजपा

भाजपा आगामी चुनावों से पहले विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर भी रणनीति बना रही है। यूजीसी से जुड़े मुद्दों पर सवर्ण वर्ग में सामने आए असंतोष और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों को पार्टी संभावित चुनौतियों के रूप में देख रही है।

इन परिस्थितियों में कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद, बूथ अध्यक्षों और शक्ति केंद्र संयोजकों की बैठकें तथा संगठनात्मक समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी विभिन्न क्षेत्रों में बैठकों के जरिए संगठन को सक्रिय करने की दिशा में काम करेंगे।

भाजपा की इस पूरी कवायद का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करना और उसके बाद 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश में अपने राजनीतिक आधार को और व्यापक बनाना है।

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