पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा उठाया,तीन संगठनों की कार्रवाई की मांग

 पत्रकारों पर अभद्र टिप्पणी के मामले में कार्रवाई की मांग

– तीन पत्रकार संगठनों ने एसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र, पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा उठाया

एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर– पत्रकारों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई न होने पर जिले के पत्रकार संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन, साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन और भारतीय पत्रकार जन समिति के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक से मुलाकात की और उन्हें प्रार्थना पत्र सौंपकर आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

पत्रकार संगठनों ने कहा कि पत्रकारों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ पत्रकारों की सुरक्षा भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेश त्रिवेदी और जिलाध्यक्ष रवि कश्यप के नेतृत्व में पहुंचे पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की समस्याओं को सामने लाने, आम जनता की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और जनहित के मुद्दों को उजागर करने का कार्य करते हैं। ऐसे में पत्रकारों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करना और उन्हें धमकाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

यदि पत्रकारों को ही अपने कार्य के दौरान अपमान और धमकियों का सामना करना पड़ेगा तो स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता प्रभावित होगी। संगठनों ने ऐसे मामलों में समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता जताई। साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव शीबू खान ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं। उनके सम्मान और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। पत्रकारिता का दायित्व जनसमस्याओं को उजागर करना और समाज के हित में सवाल उठाना है। इस कार्य के दौरान पत्रकारों को डराने, धमकाने या उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने की घटनाएं गंभीर हैं। पुलिस को ऐसे मामलों में बिना किसी दबाव के निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि पत्रकार निर्भीक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

वहीं, साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शहंशाह अब्दी ने कहा कि पत्रकारों के साथ अभद्रता और अपमानजनक व्यवहार की घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी यदि कार्रवाई में अनावश्यक देरी होती है तो इससे पत्रकारों में असंतोष बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा केवल किसी एक संगठन का विषय नहीं, बल्कि पूरे पत्रकारिता जगत से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। पुलिस प्रशासन को मामले की गंभीरता को देखते हुए नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ने कहा कि त्रिभुवन यादव ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं और जनता की समस्याओं को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने का काम करते हैं। पत्रकारों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना और उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पत्रकार किसी के दबाव में आए बिना निष्पक्ष पत्रकारिता करते हैं और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। यदि पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा तो यह स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि दर्ज मुकदमे में निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ शीघ्र नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश जाए।

भारतीय पत्रकार जन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश सहगल और प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र अवस्थी ने भी पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज में घटित घटनाओं को निष्पक्षता से सामने लाने का काम करते हैं। जनहित में सवाल उठाना उनका दायित्व है, लेकिन इसके चलते किसी पत्रकार को अपमानित या भयभीत करने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले में शीघ्र कार्रवाई कर पत्रकारों के बीच सुरक्षा का भरोसा कायम करने की मांग की। सौंपे गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, पत्रकारों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में संदीप पटेल के विरुद्ध 27 अक्टूबर 2026 को थाना कोतवाली फतेहपुर में मुकदमा अपराध संख्या 0524 विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया था। पत्रकार संगठनों का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अब तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। इसी को लेकर तीनों संगठनों के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक से आरोपी के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की। पत्रकार संगठनों ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों का सम्मान, सुरक्षा और स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है। किसी भी पत्रकार के साथ अभद्रता या धमकी की घटना होने पर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से यह भी अपेक्षा जताई कि पत्रकारों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिया जाए। इस दौरान डॉ. राजेश त्रिवेदी (प्रदेश अध्यक्ष, मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन), रवि कश्यप (जिलाध्यक्ष, मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन), रमेश सहगल (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय पत्रकार जन समिति), धर्मेंद्र अवस्थी (प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय पत्रकार जन समिति), शीबू खान (राष्ट्रीय महासचिव, साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन), शहंशाह अब्दी (प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश उपाध्यक्ष एम ज़र्रेयाब खान (साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन ), त्रिभुवन यादव (जिलाध्यक्ष, साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन), धीर सिंह यादव (जिला महासचिव, साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन) और वशीम राजू सहित दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।

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