खेल-खेल में सीखेंगे नौनिहाल, जीवन के पहले एक हजार दिनों के विकास पर जोर
खेल-खेल में सीखेंगे नौनिहाल, जीवन के पहले एक हजार दिनों के विकास पर जोर
आंगनबाड़ी केंद्र में संवेदी कॉर्नर व पार्क की शुरुआत
– खेल-खेल में सीखेंगे नौनिहाल, जीवन के पहले एक हजार दिनों के विकास पर जोर
फोटो परिचय- नवनिर्मित लाइट हाउस आंगनबाड़ी केन्द्र पर कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। बच्चों के जीवन के शुरुआती एक हजार दिन उनके शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। इस दौरान केवल पौष्टिक आहार व स्वास्थ्य सेवाएं ही नहीं, बल्कि प्यार, संवाद और खेल भी बेहद जरूरी हैं। इसी उद्देश्य से मंगलवार को ऐरायां विकास खंड के ग्राम धनकामई स्थित नवनिर्मित लाइट हाउस आंगनबाड़ी केंद्र में बाल संवेदी कॉर्नर एवं संवेदी पार्क का शुभारंभ किया गया। इसके माध्यम से दो वर्ष तक के बच्चों को खेल व विभिन्न गतिविधियों के जरिए सीखने तथा अपनी पांचों इंद्रियों के विकास के अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम का उद्घाटन बाल विकास परियोजना अधिकारी आशीष पांडेय और माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य रामदेव ने संयुक्त रूप से किया। यह पहल जिला प्रशासन के सहयोग से वैन लियर फाउंडेशन और विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसायटी के तकनीकी सहयोग से विकसित की गई है। यह वर्ष 2022 से संचालित जीवन के प्रथम 1000 दिवस कार्यक्रम के दूसरे चरण का हिस्सा है। इस दौरान सीडीपीओ आशीष पांडेय ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए पोषण, टीकाकरण व स्वास्थ्य सेवाओं के साथ प्यार, सुरक्षा, संवाद और खेलने के पर्याप्त अवसर भी जरूरी हैं। बाल संवेदी कॉर्नर बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार खेल आधारित गतिविधियों से जोड़ने का माध्यम बनेगा। इससे आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित न रहकर प्रारंभिक सीखने और पारिवारिक सहभागिता के केंद्र बनेंगे।
वैन लियर फाउंडेशन के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक अनुभव गर्ग और विक्रमशिला के डेप्युटी टीम लीड अजय लावरे ने अभिभावकों को बताया कि बच्चे शुरुआती वर्षों में देखने, सुनने, छूने, स्वाद लेने और सूंघने के माध्यम से आसपास की दुनिया को समझते हैं। रंगों, आकृतियों, ध्वनियों और सुरक्षित वस्तुओं के साथ खेलने से उनकी जिज्ञासा, भाषा, याददाश्त और शारीरिक विकास को बढ़ावा मिलता है। इस अवसर पर महिला पर्यवेक्षक सुधा देवी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री उर्मिला देवी, एएनएम नूतन, आशा कार्यकर्ता शकुंतला देवी, ग्राम प्रधान कमलेश देवी, परियोजना सहायक शिवम कुमार, दिव्यांग विद्यालय के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं व अभिभावक मौजूद रहे।