झज्जर। हरियाणा के बहादुरगढ़ स्थित संत कॉलोनी में पत्नी की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज कुमार यादव की अदालत ने दोषी योगेश दुआ पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके अतिरिक्त आर्म्स एक्ट के तहत उसे दो साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में बिताई गई अवधि को भी सजा में समायोजित किया जाएगा।
जुलाई 2021 में हुई थी वारदात
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, 11 जुलाई 2021 की शाम करीब आठ बजे मृतका संगीता के बेटे अमन को पड़ोसी तरुण का फोन आया था। उसने बताया कि संगीता को उनके चाचा ब्रह्मशक्ति अस्पताल लेकर पहुंचे हैं।
अमन जब अस्पताल पहुंचा तो उसकी मां की मौत हो चुकी थी। जांच में पता चला कि संगीता और उसके पति योगेश दुआ के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान गुस्से में योगेश ने घर के अंदर ही पत्नी के पेट में चाकू घोंप दिया।
बीच-बचाव करने आई बेटी को कमरे में किया बंद
घटना के दौरान बेटी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपी ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया और मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने जांच पूरी कर मामला अदालत में पेश किया। सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज कुमार यादव की अदालत ने योगेश दुआ को दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद और आर्म्स एक्ट के तहत दो साल की सजा सुनाई।
