लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अपना राजनीतिक अभियान तेज करने की तैयारी की है। पार्टी 20 नवंबर के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रैलियां आयोजित करेगी। इसके जरिए कांग्रेस आम लोगों तक अपने मुद्दे पहुंचाने और संगठन को सक्रिय करने की योजना बना रही है।
पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ियां की जा रही हैं और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को लोकतंत्र और मतदान के अधिकार से जोड़कर उठा रही है।
प्रदेशभर में जनसभाएं करने की तैयारी
कांग्रेस की योजना है कि 20 नवंबर के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में रैलियों और जनसभाओं का आयोजन किया जाए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के साथ मतदाता सूची से जुड़ी कथित अनियमितताओं को जनता के सामने रखा जाएगा।
प्रदेश नेतृत्व की ओर से संगठन के पदाधिकारियों और जिला इकाइयों को अभियान की तैयारियों में जुटने की जिम्मेदारी दी जा रही है।
वोट बचाओ अभियान के जरिए बना रही माहौल
कांग्रेस इससे पहले भी वोट चोरी के आरोपों को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित कर चुकी है। पार्टी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान चलाया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग की भूमिका पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं।
वहीं, चुनाव आयोग और सरकार की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को पात्र मतदाताओं का सही रिकॉर्ड तैयार करने तथा अपात्र और दोहराव वाली प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया बताया जाता रहा है।
20 नवंबर के बाद प्रस्तावित रैलियों के जरिए कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना अभियान आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
