वाशिंगटन। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजों में रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माना है कि ईरान के साथ लंबे समय से चल रहे युद्ध और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने उनकी पार्टी के प्रदर्शन को प्रभावित किया। उन्होंने स्वीकार किया कि युद्ध के कारण बढ़े आर्थिक दबाव से अमेरिकी मतदाताओं में नाराजगी थी। हालांकि, ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को सही ठहराते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से यह कदम जरूरी था और अमेरिका अपनी कार्रवाई जारी रखेगा।
चुनावी हार के बाद ट्रंप के रुख में कुछ नरमी दिखाई दी। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी को जीत की बधाई दी और देशहित में उनके साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई। सीबीएस न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह डेमोक्रेट्स के साथ सहयोग करने की उम्मीद रखते हैं।
हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन विधेयकों से वह सहमत नहीं होंगे, उन्हें राष्ट्रपति के वीटो अधिकार का इस्तेमाल कर रोक दिया जाएगा। न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए साक्षात्कार में उन्होंने चुनाव परिणाम स्वीकार करने की बात कही। साथ ही रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए यह तर्क भी दिया कि वह स्वयं चुनाव मैदान में उम्मीदवार नहीं थे।
रक्षा मंत्री को हटाने की संभावना से किया इनकार
ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ट्रंप ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पद से हटाने की अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हेगसेथ अपना काम अच्छी तरह कर रहे हैं और उन्हें हटाने की कोई योजना नहीं है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार के पीछे ईरान युद्ध को एक प्रमुख वजह बताया। चुनाव परिणामों के बाद महंगाई, ईंधन की कीमतों और विदेश नीति से जुड़े फैसले ट्रंप प्रशासन के सामने बड़ी चुनौतियों के रूप में उभरे हैं।
अमेरिकी चुनाव परिणामों पर ईरान में जश्न
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को हुए नुकसान के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में भी जश्न का माहौल देखने को मिला। बुधवार को हजारों लोगों ने सड़कों पर मार्च निकाला। यह आयोजन वर्ष 1979 में अमेरिकी दूतावास पर हुए कब्जे की बरसी और अमेरिकी चुनाव परिणामों के संदर्भ में किया गया।
ईरान के लोगों ने चुनावी नतीजों को ट्रंप की ईरान नीति के खिलाफ अमेरिकी मतदाताओं की नाराजगी के तौर पर देखा। हालांकि, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने संदेश में कहा कि अमेरिका की आंतरिक राजनीति में बदलाव से इस्लामिक गणराज्य के प्रति उसकी शत्रुता समाप्त होने की उम्मीद करना गलत होगा।
ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलीबॉफ ने भी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिकी जनता ने युद्ध के खिलाफ अपना संदेश दिया है और ईरान इसका समर्थन करता है।
ईरान की न्यायपालिका से जुड़े एक समाचार माध्यम ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी साझा की। इसमें कहा गया कि ट्रंप ईरान में सत्ता परिवर्तन कराने में सफल नहीं हुए, लेकिन टेक्सास में सत्ता परिवर्तन जरूर हो गया। यह टिप्पणी टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार की सीनेट चुनाव में जीत के संदर्भ में की गई थी।
