जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्रों के दो गुटों में मारपीट की खबर है। शुक्रवार देर रात दो छात्र संगठनों के सदस्य आपस में भिड़ गए। झगड़े में कुछ छात्र घायल भी हुए हैं। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संघ चुनाव कराने पर एक बैठक के दौरान एबीवीपी और वाम समर्थित समूहों के बीच शुक्रवार देर रात झड़प हो गई, जिसमें दोनों पक्षों ने दावा किया कि उनके कुछ सदस्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में जेएनयू प्रशासन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

जानकारी के मुताबिक, जेएनयूएसयू चुनावों के लिए चुनाव आयोग के सदस्यों का चुनाव करने के लिए परिसर में साबरमती ढाबा पर विश्वविद्यालय की आम सभा की बैठक (यूजीबीएम) के दौरान छात्र समूह आपस में भिड़ गए। एबीवीपी ने आरोप लगाया है कि उनके सदस्यों पर हमला किया गया और उन्हें चोटें आई हैं। वहीं, डीएसएफ ने एबीवीपी के सदस्यों पर चुनाव प्रक्रिया बांधित करने का आरोप लगाया है।

इस मामले में सोशल मीडिया पर वीडियो भी सामने आए हैं। जिसमें छात्रों को नारेबाजी के बीच बहस करते देखा जा सकता है और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।

डीएसएफ ने एक बयान में कहा, '2023-2024 छात्र संघ चुनाव शुरू होने की जेएनयू प्रशासन की घोषणा के जवाब में, एबीवीपी ने प्रशासन के साथ मिलकर छात्रों द्वारा बुलाए गए यूजीबीएम को बाधित करने और जेएनयूएसयू चुनाव 2024 की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोकने के लिए मिलकर काम किया डीएसएफ, एबीवीपी के अलोकतांत्रिक व्यवहार की निंदा करता है! हम छात्र समुदाय से साबरमती ढाबा पर होने वाले यूजीबीएम में बड़ी संख्या में इकट्ठा होने और एबीवीपी के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान करते हैं।'

एबीवीपी ने एक बयान में कहा सर्वदलीय ने यूनिवर्सिटी जनरल बॉडी मीटिंग का आयोजन किया, जो रात 9:30 बजे साबरमती मैदान में रखी गई थी। सबसे पहले वामपंथी जेएनयूएसयू ने माइक और साउंड कार्यकर्ताओं को जातिवादी गालियां दीं क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि एबीवीपी यूजीबीएम में भाग ले। इस पर कार्यकर्ताओं ने अपमानित महसूस किया और पीछे हट गए। हालांकि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उनसे बात की और उन्हें माइक और साउंड नहीं ले जाने के लिए प्रेरित किया। जब वामपंथी नेतृत्व वाली पार्टियों (एआईएसए, एसएफआई, डीएसएफ और कई अन्य) ने देखा कि यूजीबीएम किसी भी तरह से होगा, तो उन्होंने यूजीबीएम को परेशान करने की कोशिश की। हालांकि एबीवीपी ने उनकी सभी रणनीति को विफल कर दिया। आख़िरकार उन्होंने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने उन शारीरिक विकलांग छात्रों को भी नहीं बख्शा जो एबीवीपी के समर्थक थे। उन्होंने बीए प्रथम वर्ष के फारसी छात्र दिव्यप्रकाश को बेरहमी से पीटा है। उन्होंने एमए प्रथम वर्ष के छात्र कन्हैया को भी पीटा है। एबीवीपी के कई समर्थक और छात्र भी घायल हुए हैं।

Updated On 10 Feb 2024 7:13 AM GMT
Azra News

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