ईओयू के अनुसार, शिक्षक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को परीक्षा से पूर्व प्रश्न पत्र एवं उत्तर मुहैया कराने के एवज में दस-दस लाख रुपये सॉल्वर गैंग ने लिया था। इस मामले में सॉल्वर गैंग के सदस्य और अभ्यर्थी समेत 313 लोगों को हिरासत में लिया गया।

पेपरलीक केस में बिहार पुलिस ने बड़ा दावा किया है। कहा है कि परीक्षा से एक दिन पहले ही तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। शिक्षक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को परीक्षा से पूर्व प्रश्न पत्र एवं उत्तर मुहैया कराने के एवज में दस-दस लाख रुपये सॉल्वर गैंग ने लिया था। आर्थिक अपराधी इकाई की टीम ने हजारीबाग और पटना के करबिगहिया में छापेमारी कर कुल सॉल्वर गैंग के सदस्य और अभ्यर्थी समेत 313 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से 266 को जेल भेजा जा रहा है। इसके लिए शनिवार देर रात सिविल कोर्ट में इनकी पेशी हुई। सूत्र बता रहे हैं इन 266 अभ्यर्थियों में 88 महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग करने लगे हैं।

छात्र नेता ने दी आंदोलन की चेतावनी

छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि मैंने पहले ही पेपरलीक का दावा किया था। अब तो बिहार पुलिस की ओर से भी स्पष्ट कर दिया है। छात्र नेता ने कहा कि कक्षा एक से पांचवीं के लिए हुई परीक्षा का उत्तर पहले ही वायरल हो गया। जांच में यह भी पता चला कि परीक्षा में पूछे गए प्रश्न से वायरल उत्तर मैच कर रहे हैं। इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। बीपीएससी अध्यक्ष से मांग है कि वह इस मामले को गंभीरता से लें और तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा रद्द कर दें। अगर परीक्षा रद्द नहीं होगी तो हमलोग आंदोलन करेंगे।

एक्शन में बीपीएससी, लगा चल रही बैठक

आर्थिक अपराध इकाई द्वारा जांच रिपोर्ट बीपीएससी को सौंपी गई है। इसके बाद बीपीएससी जांच में जुट गई है। बीपीएससी का कहना है कि पेपरलीक के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी बात सामने आएगी, उसके बाद फैसला लिया जाएगा। बीपीएससी ने स्पष्ट कहा कि गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं सूत्रों की मानें तो बीपीएससी अध्यक्ष खुद इस मामले को देख रहे हैं। वह लगातार बीपीएससी के अधिकारियों के साथ के साथ बैठक कर रहे हैं।

अब जानिए, ईओयू ने अपने रिपोर्ट में क्या कहा

आर्थिक अपराध इकाई ने कहा कि शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर 13 मार्च को कई सूत्रों से गोपनीय सूचना मिली कि 15 मार्च को होने वाली परीक्षा से पूर्व प्रश्न पत्र एवं उत्तर मुहैया कराने के एवज में दस-दस लाख रुपये लिया जा रहा है। 14 मार्च को एक विशेष टीम गठित किया गया। टीम छापामारी के क्रम में प्रश्न पत्र लीक करने वाले गिरोह के एक सदस्य को पटना स्थित करबिगहिया क्षेत्र से शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के साथ पकड़ा गया, जिसके पास से बहुत सारे अभिलेख जब्त किये गये। गिरफ्तार किये गये अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए आर्थिक अपराध इकाई लाया गया। पूछ-ताछ के दौरान उनलोगों के द्वारा गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में बताया कि उनके द्वारा सैंकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियो झारखंड ले जाया गया है। 15 मार्च की सुबह पांच बजे से झारखंड पुलिस की सहायता से हजारीबाग स्थित कुर्रा, पदमा एवं बरही स्थित होटल (कोहिनूर होटल) एवं मैरेज हॉल में छापामारी की गई, जहां पर लीक प्रश्न पत्र का उत्तर रटवाने के लिए सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी एकत्रित हुए थे। उनमें से लगभग 270 अभ्यर्थियों को एवं संगठित गिरोह के सदस्यों से परीक्षा के संबंध में पूछताछ की गई। इसमें पता चला कि शिक्षक भर्ती परीक्षा के तृतीय चरण के प्रश्न पत्र पेन ड्राईव में 14 मार्च को ही प्राप्त करा दिये गये थे, जिसे उनलोगों के द्वारा प्रिंट निकाल कर अभ्यर्थियों को अलग-अलग समुहों में उत्तर याद करवाने हेतु उपलब्ध कराया गया था। छापामारी व प्रारम्भिक पूछताछ के बाद उक्त प्रश्न पत्र को परीक्षा के बाद बीपीएससी कार्यालय से प्राप्त प्रश्न पत्र की प्रति से मिलान किये जाने पर हूबहू सही पाया गया।

Azra News

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