शोभायात्रा पर छतों से पथराव होने से करीब 20 लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। वहीं, जिले के शक्तिपुर इलाके में हुए विस्फोट में एक महिला घायल हो गई। इन सब घटनाओं को लेकर विपक्ष भड़क गया है।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बुधवार को रामनवमी शोभायात्रा के दौरान झड़प होने की घटनाओं पर सियासत गर्मा गई है। इन घटनाओं पर भाजपा लगातार मौजूदा टीएमसी सरकार को घेर रही है। उसने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बदमाशों का साथ दिया है। वहीं, विपक्ष के नेता सुवेंदू अधिकारी ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर एनआईए जांच की मांग की है।

गौरतलब है, शोभायात्रा पर छतों से पथराव होने से करीब 20 लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद, इलाके में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। वहीं, जिले के शक्तिपुर इलाके में हुए विस्फोट में एक महिला घायल हो गई। पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि यह बम विस्फोट था या विस्फोट अन्य कारणों से हुआ।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी से जांच कराएं

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को पत्र लिखकर मुर्शिदाबाद के रेजिनगर इलाके में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुई झड़पों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने राज्यपाल से कानून व्यवस्था पर दखल देने का अनुरोध किया है।

पथराव किया गया और दुकानों में तोड़फोड़ की गई

इससे पहले, भाजपा की बंगाल इकाई ने आरोप लगाया है कि रैली पर पथराव किया गया और दुकानों में तोड़फोड़ की गई। सुवेंदू अधिकारी ने कहा, 'जिला प्रशासन की अनुमति से निकाली जा रही रामनवमी जुलूस पर शक्तिपुर में उपद्रवियों द्वारा हमला किया गया। अजीब बात यह है कि इस बार ममता पुलिस ने इस भयानक हमले में बदमाशों का साथ दिया और राम भक्तों पर आंसू गैस के गोले दागे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जुलूस अचानक समाप्त हो जाए।'


रामभक्तों की रक्षा करने में विफल रही पुलिस

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, 'पिछले साल की तरह, जब ममता पुलिस की नीयत की कमी के कारण डालखोला, रिशरा और सेरामपुर में रामनवमी के जुलूस पर हमला हुआ, तो इस साल भी ममता पुलिस रामभक्तों की रक्षा करने में विफल रही। इतना ही नहीं, ममता पुलिस बदमाशों को माणिक्यार मोड़ पर सनातनी समुदाय से संबंधित दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट करने से नहीं रोक सकी। यह ममता बनर्जी के उकसावे और उकसावे का नतीजा है। मैं चुनाव आयोग से अनुरोध करना चाहूंगा कि वह कानून और व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की ओर से विफलता पर ध्यान दे।'

कांग्रेस नेता ने यह कहा

वहीं, ब्रह्मपुर के सांसद और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार शाम क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा, 'मैं झड़प में घायल हुए लोगों को देखने मालदा से आया था। लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया और दावा किया कि हिंदुओं पर हमला हो रहा है और मुझसे जवाब की मांग की। विरोध करने वालों को उन लोगों से पूछना चाहिए, जिन्हें जवाब देने की जरूरत है।'

उन्होंने कहा, 'एक योजना के तहत दंगे भड़काए जा रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा विरोध इसे साबित करता है। मैंने चुनाव आयोग से बात की है। अतिरिक्त बलों को शक्तिपुर भेजा गया है और एसपी मौके पर हैं। मैं लगातार चुनाव आयोग के संपर्क में हूं।'

सीएम ममता ने दी थी चेतावनी

बता दें, यह घटना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा मुर्शिदाबाद में रामनवमी पर दंगे भड़कने की चेतावनी देने के कुछ दिनों बाद हुई है। उनकी यह टिप्पणी चुनाव आयोग द्वारा मुर्शिदाबाद के पुलिस उपमहानिरीक्षक को जिले में हिंसा और अधिकारी की कथित निगरानी की कमी के आरोप में हटाए जाने के बाद आई है।

ममता बनर्जी ने कहा था, 'यहां तक कि आज भी सिर्फ भाजपा के निर्देश पर मुर्शिदाबाद के डीआईजी को बदल दिया गया। अब अगर मुर्शिदाबाद और मालदा में दंगे होते हैं तो इसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होगी। भाजपा दंगों और हिंसा को भड़काने के लिए पुलिस अधिकारियों को बदलना चाहती थी। अगर एक भी दंगा होता है तो इसके लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार होगा क्योंकि वे यहां कानून-व्यवस्था की देखभाल कर रहे हैं।'

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