केरल में समय से पहले शुरू हुए दक्षिण पश्चिम मानसून के तेजी पकड़ने के साथ ही कई जगह भारी बरसात और भूस्खलन की सूचना है। राज्य में लगातार हो रही बारिश से कई हिस्सों में जलभराव हो गया और पेड़ उखड़ गए। लगातार बारिश से राज्य के ऊपरी इलाकों कोट्टायम और इडुकी जिलों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है।

मानसून तय समय से छह दिन पहले उत्तरी पश्चिम बंगाल पहुंच गया है। आईएमडी ने इसके छह जून तक राज्य में प्रवेश करने की संभावना जताई थी। वहीं, उत्तर भारत सहित देश के विभिन्न हिस्सों और पहाड़ों में जारी भीषण लू व गर्मी के बीच शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज बदल गया। कई इलाकों में धूल भरी आंधी चली और बादल छा गए। मौसम में इस बदलाव से लोगों को थोड़ी राहत मिली।

मौसम विभाग ने उत्तर भारत सहित देश के अन्य भागों में अगले दो दिनों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना जताई है। विभाग ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख और गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में कई स्थानों पर अगले पांच दिनों में गरज के साथ हल्की बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में एक से चार जून, राजस्थान में दो जून, पंजाब और हरियाणा में एक से पांच जून तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अगले दो तीन दिनों में भीषण लू से राहत मिलने की संभावना है। इस बीच पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत के राज्यों में अगले चार से पांच दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान मध्य अरब सागर के कुछ और दक्षिण अरब सागर के शेष हिस्सों, लक्षद्वीप, केरल, कर्नाटक और रायलसीमा के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। वहीं, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, विदर्भ, कोंकण और गोवा में अगले पांच दिनों के दौरान, मध्य महाराष्ट्र में दो से पांच जून के बीच हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होगी। मौसम विभाग ने कहा कि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के अधिकतर और मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान में कुछ क्षेत्र गंभीर लू और गर्मी से जूझ रहे हैं।

मानसून ने पकड़ी रफ्तार

केरल में समय से पहले शुरू हुए दक्षिण पश्चिम मानसून के तेजी पकड़ने के साथ ही कई जगह भारी बरसात और भूस्खलन की सूचना है। राज्य में लगातार हो रही बारिश से कई हिस्सों में जलभराव हो गया और पेड़ उखड़ गए। लगातार बारिश से राज्य के ऊपरी इलाकों कोट्टायम और इडुकी जिलों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। मौसम विभाग ने 24 घंटे में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। केरल और लक्षद्वीप में समुद्र तटीय क्षेत्रों में खराब मौसम के कारण मछुआरों को मछली पकड़ने की गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है।

तीन माह में हीट स्ट्रोक से 56 मौतें : स्वास्थ्य मंत्रालय

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में मार्च से मई के बीच हीट स्ट्रोक के चलते 56 मौतें दर्ज की गईं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 46 मौतें अकेले मई में हुईं हैं। हीट स्ट्रोक के मामलों की बात करें तो तीन महीन में कुल 24,849 मामले सामने आए। इसमें 19,189 मामले सिर्फ मई महीने (1 से 30 मई तक) के हैं। देश में बीते शुक्रवार को हीट स्ट्रोक से 40 मौतें हुईं। इसमें से 25 उत्तर प्रदेश और बिहार लोकसभा चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी थे। अधिकारियों के अनुसार बीते बृहस्पतिवार को ओडिशा में (10), बिहार में (8), झारखंड में (4) और उत्तर प्रदेश में (1) व्यक्ति की हीट स्ट्रोक से मौत दर्ज की गईं। राजस्थान में अब तक कम से कम पांच लोगों की गर्मी से संबंधित मौतें हुई हैं।

असम में बाढ़ से 11 जिलों में 3.5 लाख लोग प्रभावित

रेमल चक्रवात के बाद हुई लगातार बारिश के बाद से असम में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य के 11 जिलों के 3.5 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। आधिकारिक बयान के मुताबिक, सबसे अधिक प्रभावित कछार जिले में सभी शिक्षण संस्थान शनिवार को बंद रहे। प्रभावित जिलों में, कार्बी आंग्लोंग, धेमाजी, होजाई, कछार, करीमगंज, डिब्रूगढ़, नगांव, हैलाकांदी, गोलाघाट, वेस्ट कार्बी आंग्लोंग और डिमा हसाउ हैं। फिलहाल, करीब 30,000 लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से बराक घाटी और डिमा हसाउ में सड़क संपर्क और रेल संपर्क बाधित हुआ है।

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