मानवाधिकार दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

     मानवाधिकार दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में संविधान, पाक्सो एक्ट व घरेलू हिंसा पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

संदीप धुरिया अजरा न्यूज़ हमीरपुर- मानवाधिकार दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर के तत्वाधान में आज राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, हमीरपुर में एक सशक्त एवं ज्ञानवर्धक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्राधिकरण के सचिव डॉ. महेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती सरस्वती, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसमें प्रधानाचार्य श्रीमती सरस्वती ने मानवाधिकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानवाधिकार केवल कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा, स्वतंत्रता और समानता का आधार हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इन अधिकारों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

इसके पश्चात सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डॉ. महेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा संविधान दिवस, पाक्सो एक्ट (POCSO Act) एवं घरेलू हिंसा अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि संविधान में वर्णित मौलिक अधिकार हर नागरिक की पहचान और स्वतंत्रता को सुरक्षित रखते हैं तथा इनके संरक्षण हेतु सभी को जागरूक रहना चाहिए।

पाक्सो एक्ट पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि यह कानून बच्चों को यौन शोषण और अत्याचार से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के दुराचार पर सख्त कानूनी कार्रवाई और कठोर दंड का प्रावधान इसमें शामिल है। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों को सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित प्रशासन को देने की सलाह दी।

घरेलू हिंसा विषय पर चर्चा करते हुए सचिव ने बताया कि घरेलू हिंसा केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक अत्याचार भी है। उन्होंने महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए बने कानूनी उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना की स्थिति में विधिक सेवा प्राधिकरण से तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है।

कार्यक्रम के अंत में मानवाधिकार शपथ ग्रहण कराया गया, जिसमें उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अन्य सदस्यों ने मानवाधिकारों का सम्मान करने, किसी भी प्रकार के उल्लंघन को अस्वीकार्य मानने और समाज में शांति, समानता व न्याय को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

इस कार्यक्रम के माध्यम से हमीरपुर जनपद में मानवाधिकार संरक्षण एवं विधिक जागरूकता को एक नई दिशा मिली है, जिससे समाज में बेहतर समझ और सकारात्मक परिवर्तन की अपेक्षा की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *