स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत एसबीआई फाउंडेशन एवं चाइल्ड सर्वाइवल इंडिया का संयुक्त प्रयास
किशोरियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता एवं व्यक्तिगत स्वच्छता पर जागरूकता कार्यशाला
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ धाता– (फतेहपुर), 10 फरवरी 2026:
स्वच्छ भारत अभियान पखवाड़ा के अवसर पर एसबीआई फाउंडेशन एवं चाइल्ड सर्वाइवल इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में किशोरियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) एवं व्यक्तिगत स्वच्छता विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला धाता ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम गुरसंडी स्थित निष्पक्ष देव इंटर कॉलेज, ग्राम रतनपुर के जूनियर स्कूल तथा धाता इंटर कॉलेज में आयोजित की गई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को मासिक धर्म से संबंधित सही एवं वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करना, व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा मासिक धर्म से जुड़े भ्रम, मिथकों और सामाजिक झिझक को दूर करना था, ताकि किशोरियाँ आत्मविश्वास के साथ स्वस्थ जीवन जी सकें।
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली से आई स्वास्थ्य विशेषज्ञ शीला मान, रचना शर्मा एवं उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा किशोरियों को सरल और प्रभावी भाषा में मासिक धर्म के दौरान होने वाले शारीरिक बदलाव, सामान्य समस्याएं, स्वच्छता के उपाय, सुरक्षित सैनिटरी प्रथाएं तथा संक्रमण से बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई। कार्यशाला को संवादात्मक रखा गया, जिसमें किशोरियों ने खुलकर प्रश्न पूछे और अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। Demonstration के माध्यम से उन्हें समझाया गया.
कार्यशाला के उपरांत 500 किशोरियों को माहवारी स्वच्छता किट (Menstrual Hygiene Kit) भी वितरित की गई,जिससे से वे व्यवहारिक रूप से स्वच्छता के सुरक्षित तरीकों को अपना सकें, जिससे किशोरियों में विशेष उत्साह देखा गया और उन्होंने इसे अत्यंत उपयोगी बताया।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन एवं अध्यापकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। किशोरियों ने समुदाय की किशोरियों, महिलाओं तक यह संदेश पहुंचाने में सहयोग का आश्वासन दिया तथा इस पहल की सराहना की।

चाइल्ड सर्वाइवल इंडिया के मैनेजर श्री मृत्युंजय पांडेय ने अपने संबोधन में कहा:
“मासिक धर्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। सही जानकारी, स्वच्छता और संसाधनों की उपलब्धता से किशोरियाँ स्वस्थ, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बन सकती हैं।”
समापन संदेश – श्री मृत्युंजय पांडेय:
“स्वच्छ भारत अभियान की सफलता तभी संभव है जब किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण मिले। आइए, हम सब मिलकर किशोरियों के लिए जागरूक, सुरक्षित और भयमुक्त समाज का निर्माण करें।”
