सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की उपस्थिति में बांदा की बेटी खुशी रावत को दो स्वर्ण पदक

      सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की उपस्थिति में बांदा की बेटी खुशी रावत को दो स्वर्ण पदक

ब्यूरो सुरेंद्र धुरिया अज़रा न्यूज़ बांदा

बांदा/नागपुर। बुंदेलखंड के बांदा जनपद की प्रतिभाशाली छात्रा खुशी रावत ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी नागपुर के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में उन्हें पाँच वर्षीय विधि डिग्री के साथ-साथ उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए दो स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया।

समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ, जिसमें कुल 213 विद्यार्थियों को उपाधि तथा 25 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस के. वी. विश्वनाथन रहे। विशिष्ट अतिथियों में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अतुल एस. चांदूरकर, बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस अनिल एस. किलोर, न्यायमूर्ति जस्टिस भारती एच. डांगरे एवं जस्टिस उर्मिला एस. जोशी-फालके सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बॉम्बे हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर. सी. चवन् भी मौजूद रहे।

खुशी रावत को स्वर्ण पदक जस्टिस अतुल एस. चांदूरकर की गरिमामयी उपस्थिति में न्यायमूर्ति भारती एच. डांगरे एवं जस्टिस उर्मिला एस. जोशी-फालके के करकमलों से प्रदान किए गए, जबकि एक स्वर्ण पदक महाराष्ट्र सरकार के एडवोकेट जनरल डॉ. मिलिंद साठे द्वारा प्रदान किया गया।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर खुशी रावत के बड़े पापा अनूप रावत (पूर्व स्टेनो, मुख्य विकास अधिकारी, बांदा) तथा उनके पिता स्वतंत्र रावत (रीडर, उपभोक्ता फोरम भदोही) ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे परिवार, बांदा जनपद, बुंदेलखंड क्षेत्र एवं उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने खुशी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि बेटियों की सफलता समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होती है।

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