मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाना उनके समर्पण पर सच्ची मुहर : कमलेश

      सविता महासभा ने कर्पूरी ठाकुर की मनाई 102 वीं जयंती
मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाना उनके समर्पण पर सच्ची मुहर: कमलेश
फोटो परिचय-  जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते सविता महासभा के पदाधिकारी।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर— शनिवार को भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के 102 वीं जन्म दिवस पर कर्पूरी चौराहा में सविता महासभा के पदाधिकारियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। आचार्य कमलेश योगी ने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर उन्हें याद करना भारत के उस संघर्ष को याद करना है, जिसने समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने का सपना देखा था। 2024 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाना उनके आजीवन त्याग और सामाजिक न्याय के प्रति उनके अटूट समर्पण पर एक सच्ची मुहर है। जननायक की सादगी के किस्से आज भी राजनीति के गलियारों में किंवदंती की तरह सुनाए जाते हैं। जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने अपने बेटे रामनाथ ठाकुर को एक सख्त चिट्ठी लिखी थी। उस चिट्ठी में उन्होंने साफ निर्देश दिया था तुम यहाँ (पटना) मेरे पास मत आना। मेरे नाम का इस्तेमाल करके किसी से कोई पैरवी या फायदा उठाने की कोशिश मत करना। यह दिखाता है कि वे परिवारवाद के कितने खिलाफ थे और सार्वजनिक पद की शुचिता को कितना महत्व देते थे। कार्यक्रम में सविता महासभा के जिला प्रभारी संतराम फौजी, जिलाध्यक्ष रामशंकर सविता, महामंत्री बृजेश सेन, संगठन मंत्री विमल कुमार, छोटकू सविता, विमलेश सविता, पप्पू, जगदीश नारायण, मनोज कुमार, जितेन्द्र वर्मा, अन्नू सविता, विजय कुमार, कपूर कुमार, साकेत कुमार सेन प्रवेश कुमार, भानु दिवाकर, अजयपाल, हरीश चन्द्र, मोहन लाल प्रजापति, लकी सविता, कामता सैनी, पुती मौर्या, रवि शंकर, गंगा राम शैनी, गोविन्द, राजन, विकास सविता, कमलेश कुमार, मनोज आदि सैकड़ो लोग मौजूद रहे।

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