भरुआ सुमेरपुर: लव जिहाद केस में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई की तैयारी
भरुआ सुमेरपुर: लव जिहाद केस में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई की तैयारी
भरुआ सुमेरपुर : लव जिहाद केस में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई की तैयारी, बहुस्तरीय जांच तेज रिपोर्ट संदीप धुरिया भरुआ सुमेरपुर क्षेत्र— में सामने आए लव जिहाद, अवैध धर्मांतरण और नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म जैसे बेहद गंभीर आरोपों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामला उजागर होते ही प्रशासन और पुलिस महकमे ने इसे अत्यंत संवेदनशील मानते हुए सख्त रुख अपनाया है। अब यह प्रकरण केवल आपराधिक जांच तक सीमित न रहकर व्यापक प्रशासनिक और विभागीय कार्रवाई के स्तर तक पहुंच चुका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एसडीएम सदर के नेतृत्व में आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की गहन जांच कराई जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं संपत्तियां अवैध रूप से अर्जित तो नहीं की गईं और क्या सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण किया गया है। इसी क्रम में सिंचाई विभाग द्वारा बंधी और नहर क्षेत्र की नापजोख शुरू कर दी गई है, जिससे जल संसाधन विभाग की भूमि पर संभावित कब्जों की स्थिति स्पष्ट की जा सके।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यदि अवैध निर्माण पाए जाते हैं तो उनके ध्वस्तीकरण (बुलडोज़र कार्रवाई) की पूरी तैयारी कर ली गई है। संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं और नियमानुसार नोटिस देने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संभावित SIMI कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इस पूरे प्रकरण के पीछे कोई संगठित नेटवर्क या राष्ट्रविरोधी गतिविधि तो सक्रिय नहीं है। हालांकि, इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इसके साथ ही वन विभाग भी अपने स्तर पर जांच में जुटा हुआ है। यदि वन भूमि पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण या अवैध लकड़ी से संबंधित कोई तथ्य सामने आता है, तो वन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि यह मामला केवल एक अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और नाबालिगों की सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। इसी कारण हर पहलू पर गंभीरता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है।
इस बीच पीड़िता के बयान दर्ज होने के बाद जांच का दायरा और अधिक व्यापक कर दिया गया है। पीड़िता के बयान के आधार पर आरटीओ की सूची में कुछ और नाम जोड़े गए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस मामले में शामिल आरोपियों की संख्या पहले से अधिक हो सकती है। जांच एजेंसियां अब नए नामों की भूमिका और संलिप्तता की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
मामले को लेकर जानकारी देते हुए सीईओ अनूप कुमार ने बताया कि नामजद और संदिग्ध सभी आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि अधिकांश आरोपी अपने घरों में ताला लगाकर फरार हो चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे कानून से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
सीईओ अनूप कुमार ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फरार आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर कुर्की जैसी विधिक कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।
फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन का साफ कहना है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कोई भी आरोपी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।