सरकारी नाले की मरम्मत में दबंगों का तांडव, मजदूरों से मारपीट
सरकारी नाले की मरम्मत में दबंगों का तांडव, मजदूरों से मारपीट
सरकारी नाले की मरम्मत में दबंगों का तांडव, मजदूरों से मारपीट
– ईंटें लूटीं, विरोध करने पर पीड़ित के घर की दीवार ढहाई एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। जनपद में दबंगों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे खुलेआम सरकारी कामों में बाधा डालने, मजदूरों की पिटाई करने और सरकारी संपत्ति लूटने से भी नहीं डर रहे। कानून और प्रशासन को खुली चुनौती देने का ताजा मामला थाना ललौली क्षेत्र के ओनई गांव (पोस्ट कोर्रा) से सामने आया है, जहां सरकारी नाले व खरंजा की मरम्मत के दौरान दबंगों ने जमकर उत्पात मचाया।
पीड़ित शिवम सिंह के अनुसार उनके घर के सामने स्थित सरकारी नाले की मरम्मत का कार्य चल रहा था। तभी गांव के ही राजकिशोर सिंह, रायनरायण सिंह पुत्र स्व. चंद्रपाल सिंह और प्रशांत सिंह पुत्र राज नारायण सिंह मौके पर पहुंचे और बिना किसी कारण के काम कर रहे मजदूरों के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। दबंगों ने मजदूरों को मौके से भगा दिया और सरकारी नाले में लगी ईंटें जबरन उठा ले गए, जिससे सरकारी कार्य पूरी तरह ठप हो गया। जब पीड़ित शिवम सिंह ने इस अवैध कृत्य का विरोध किया, तो दबंग और उग्र हो गए। आरोप है कि दबंगों ने पीड़ित के घर की दीवार गिरा दी और गंदी-गंदी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। दबंगों ने खुलेआम कहा कि अगर कहीं शिकायत की गई तो अंजाम बेहद बुरा होगा। इस धमकी के बाद से पीड़ित और उसका परिवार भय और दहशत के माहौल में जीने को मजबूर है। सबसे गंभीर सवाल यह है कि सरकारी कार्य में बाधा, सरकारी संपत्ति की लूट, मजदूरों से मारपीट और जान से मारने की धमकी जैसे संगीन आरोपों के बावजूद अब तक पुलिस और प्रशासन की चुप्पी क्यों बनी हुई है? क्या दबंगों को किसी राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण का कवच मिला हुआ है? पीड़ित ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी दबंग कानून को कुचलने की हिम्मत न कर सके।