पाँच दहेज आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास सजा

    पाँच दहेज आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास सजा

 अजय सिंह अज़रा न्यूज फतेहपुर — फतेहपुर। जिला अदालत ने दहेज के मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को पांच दहेज आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अपर सत्र जज अजय सिंह ने दहेज के एक मामले मे पांच आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
वादी मुकादमा अफसर अली निवासी ग्राम सुदेशरा थाना खखरेरू ने अपने पुत्री नूर बानो की शादी मो०रिजवान पुत्र बन्देहसन रायपुर मुआरी थाना हथगाम के साथ विगत 28 अप्रैल 2019 मे किया था। शादी के बाद से ही पति सहित इशरत जहाँ पत्नी इम्तियाज(ननद), गुलशन जहाँ पत्नी लाईक अहमद(ननद), नूर जहाँ पत्नी बन्दे हसन(सास), इरफान पुत्र बन्दे हसन(देवर)
निवासी गणों ने दहेज में एक मोटरसाईकिल की मांग करने हुए लिए बहू को मारने, पीटने व प्रताड़ित करने लगे।इस बात को विवाहिता नूरबानो जब अपने मायके गई तो अपने पिता से पूरी बात को बताई।
इसके बाद पिता ने ससुरालीजनो समझाया लेकिन वे नही मानें, तब उन्होंने महिला थाना मे शिकायत भी किया।और समझाने पर पुत्री को वापस ससुराल भेज दिया। इसके बाद 09/12/2020 को उपरोक्त आरोपी ससुरालीजनों ने पुत्री के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया।सूचना मिलने पर सदर अस्पताल मे उसे भर्ती कराया गया।जहां से हालत नाजुक देखते हुए कानपुर के लिए रिफर कर दिया गया,इसी दौरान11/12/2020को कष्णा सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल काशपुर नगर मे मृतिका नूर बानों का मजिस्ट्रेटी बयान भी दिया था।फिर उसके बाद लखनऊ के लिए रिफर कर दिया गया जहा लखनऊ के सिविल अस्पताल मे पुत्री की 23/01/2021 को मृत्यु हो गई।
अभियोजन में मृतिका का मृत्युकालीन बयान साबित कराते हुए कुल साक्ष्य प्रस्तुत किए। अभियुक्त विवेचना के दौरान गिरफ्तार होने से आज भी जिला कारागार मे है।
अभियुक्तगण को दोषसिद्धि के बाद अभियोजन ने अधिक से अधिक सजा की मांग करते हुए की मृतिका पत्नी समाज की एक सम्मानित व अपने जन्म देने वाले परिवार को छोडकर एक नये घर को सभालने व नये भविष्य की जननी होती है जिसे दहेज के लिए जलाकर मार दिया गया।उपरोक्त अभियुक्तगणों को ऐसी सजा मिलनी चाहिये की जिससे समाज मे ऐसा संन्देश जाए कि कोई भी ब्यक्ति ऐसा अपराध करने से पहले 100 बार सोचने पर विवश हो जाए
उपरोक्त अभियुक्तगणों में मो०रिजवान पति,नूर जहाँसास,इरफान देवर,ईशरत जहाँ ननद व गुलशन जहाँ को दोषसिद्ध करते हुए प्रत्येक को धारा 304आईपीसी मे आजीवन सश्रम कारावास व धारा 498ए घरेलू हिंसा प्रत्येक को तीन वर्ष का कारावास व दस हजार रूपये के अर्थदण्ड से व 4 डीपी एक्ट मे प्रत्येक को तीन वर्ष व पांच हजार रूपये के अर्थ दण्ड से दण्डित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *