जिलाधिकारी ने बच्चों को पिलाई विटामिन-ए की खुराक, 24 जनवरी 2026 तक चलेगा अभियान
जिलाधिकारी ने बच्चों को पिलाई विटामिन-ए की खुराक, 24 जनवरी 2026 तक चलेगा अभियान
विटामिन-ए सम्पूरण कार्यक्रम के द्वितीय चरण का शुभारम्भ जिलाधिकारी ने बच्चों को पिलाई विटामिन-ए की खुराक, 24 जनवरी 2026 तक चलेगा अभियान
उरई (जालौन)। दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन — जनपद में विटामिन-ए सम्पूरण कार्यक्रम के द्वितीय चरण का शुभारम्भ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा जिला महिला चिकित्सालय परिसर में आयोजित टीकाकरण सत्र के दौरान किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने 9 माह से 05 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। यह अभियान जनपद में 24 जनवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि विटामिन-ए बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसकी नियमित खुराक से रतौंधी व अंधापन से बचाव होता है, कुपोषण से सुरक्षा मिलती है तथा बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए प्राकृतिक रूप से फल, हरी सब्जियों, अंडा, दूध एवं दुग्ध उत्पादों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। साथ ही उन्होंने टीकाकरण को बच्चों को गंभीर संक्रमणों से बचाने का प्रभावी माध्यम बताया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेन्द्र भिटौरिया ने बताया कि अभियान के अंतर्गत 9 माह से 12 माह आयु वर्ग के बच्चों को 1 एमएल तथा 01 से 05 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को 2 एमएल विटामिन-ए की खुराक दी जा रही है। यह खुराक टीकाकरण दिवस के अवसर पर जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उपकेंद्रों एवं उनके अंतर्गत आने वाले सत्र स्थलों पर पिलाई जाएगी। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि अपने आसपास के सभी पात्र बच्चों को नजदीकी सत्र स्थल पर अवश्य ले जाकर विटामिन-ए की खुराक दिलवाएं और समय से पूर्ण टीकाकरण कराएं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. ए.पी. वर्मा ने बताया कि विटामिन-ए सम्पूरण कार्यक्रम के द्वितीय चरण में जनपद के 9 माह से 05 वर्ष आयु वर्ग के कुल 2,10,008 लक्षित बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं अपर शोध अधिकारी श्री आर.पी. विश्वकर्मा ने बताया कि विटामिन-ए की खुराक से इस आयु वर्ग के बच्चों में 7 प्रतिशत से अधिक मृत्यु दर को रोका जा सकता है, जिससे बाल स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
इस अवसर पर जिला पुरुष चिकित्सालय उरई के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आनन्द उपाध्याय, जिला महिला चिकित्सालय उरई के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव प्रभाकर (स्त्रीरोग विशेषज्ञ), अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविन्द्र भूषण, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (प्रतिरक्षण) डॉ. ए.पी. वर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. प्रेम प्रताप सहित अन्य अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे