जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण, सड़क निर्माण में अनियमितता पर सख्त रुख
जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण, सड़क निर्माण में अनियमितता पर सख्त रुख
जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण, सड़क निर्माण में अनियमितता पर सख्त रुख नगर पालिका के डामरीकरण कार्य में मानकों की अनदेखी पर भड़के डीएम
10 मार्च तक मानक के अनुरूप सड़क न बनने पर एफआईआर, ब्लैकलिस्टिंग व भुगतान शून्य करने के निर्देश दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन— जनपद में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत उरई में उरई रेलवे स्टेशन से बेरी वाले बाबा मजार होते हुए राठ रोड ओवरब्रिज के नीचे तक तथा सुशील नगर, दयानंद वैदिक कॉलेज के समीप नगर पालिका परिषद द्वारा कराए जा रहे डामरीकरण सड़क निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दयानंद वैदिक कॉलेज के पास चल रहे सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में सामने आया कि निर्धारित मानकों के अनुरूप बीसी (बिटुमिनस कंक्रीट) की मात्रा का प्रयोग नहीं किया गया, बल्कि पीसी सामग्री का उपयोग किया गया है। इससे भारी वाहनों के आवागमन पर सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होने और अल्प समय में क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई गई।
इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित नगर पालिका व विभागीय अधिकारियों को तत्काल सड़क को उखाड़कर मानक के अनुरूप बीसीसी के माध्यम से पुनः निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 मार्च तक यदि सड़क का पुनर्निर्माण मानकों के अनुसार नहीं किया गया, तो दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज, ब्लैकलिस्टिंग तथा भुगतान शून्य करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस सख्त कदम से निर्माण एजेंसियों में हड़कंप मच गया है और विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का स्पष्ट संदेश दिया गया है।