डीएम का औचक निरीक्षण, लापरवाह अफसरों पर कड़ा एक्शन

    डीएम का औचक निरीक्षण, लापरवाह अफसरों पर कड़ा एक्शन

अनुपस्थिति पर वेतन रोका, एक निलंबित, कई को नोटिस—10 से 12 बजे तक अनिवार्य जनसुनवाई के निर्देश

दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन जालौन-उरई– जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार सुबह विकास भवन स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों की अनुपस्थिति, अभिलेखों की अव्यवस्था और कार्यप्रणाली में शिथिलता सामने आई, जिस पर जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेन्द्र बाबू अनुपस्थित मिले। कार्यालय में अभिलेख अव्यवस्थित पाए गए तथा पहचान पट्टिकाएं भी नहीं लगी थीं। जांच में एक कर्मचारी के कई माह से अनुपस्थित रहने की जानकारी मिली। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।

सहकारिता कार्यालय में सहायक पर्यवेक्षक आमोद कुमार, कम्प्यूटर ऑपरेटर शुभम तिवारी तथा चारों एडीसीओ अनुपस्थित पाए गए। सभी का एक दिन का वेतन रोकने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में फूल सिंह कुशवाहा, नीलम जायसवाल और जितेन्द्र कुमार पाल अनुपस्थित मिले—तीनों के विरुद्ध वेतन रोकने व नोटिस के निर्देश दिए गए।

जिला युवा कल्याण अधिकारी कार्यालय में राजीव कुमार उपाध्याय, मेहराज अहमद, पंकज शिवहरे और अर्चना अनुपस्थित पाए गए, जिनका एक दिन का वेतन रोक दिया गया।
एनआरएलएम कार्यालय में उपायुक्त अखिलेश तिवारी अनुपस्थित मिले। अन्य कर्मियों की उपस्थिति पर संतोषजनक उत्तर न मिलने पर जिला विकास अधिकारी को स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

कृषि विभाग में अपर कृषि अधिकारी पुष्कर दीक्षित अनुपस्थित पाए गए—वेतन रोका गया और नोटिस जारी हुआ।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व लघु सिंचाई विभाग में भी कई अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित मिले। नियमित उपस्थिति न होने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए पृथक स्पष्टीकरण मांगा गया।

जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में जिला पूर्ति अधिकारी राजीव शुक्ला अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण के समय मौजूद एक आवेदक ने राशन कार्ड में नाम जोड़ने का मामला छह माह से लंबित होने की शिकायत की। जांच में पूर्ति लिपिक अशोक कुमार की गंभीर लापरवाही सामने आने पर उन्हें तत्काल निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए, जबकि अन्य जिम्मेदारों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।

जिला रेशम अधिकारी कार्यालय में सहायक रेशम अधिकारी मनोज कुमार अनुपस्थित पाए गए, जिनका एक दिन का वेतन रोका गया।

निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार प्रतिदिन प्रातः 10 से 12 बजे तक जनसुनवाई अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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