बिजली महंगी होने से सेवा की गुणवत्ता पर पड़ेगा असर, कर्मियों का प्रदर्शन

    निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का प्रदर्शन
बिजली महंगी होने से सेवा की गुणवत्ता पर पड़ेगा असर
फोटो परिचय-  निजीकरण के विरोध में विरोध सभा करते विद्युत कर्मी।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर गुरूवार को बिजली कर्मियों ने निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में विरोध सभा का आयोजन किया। हाइडिल कॉलोनी में आयोजित इस सभा में बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पावर सेक्टर का निजीकरण आम उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे एवं मध्यम उद्योगों तथा बिजली कर्मियों के हितों के विरुद्ध है। निजीकरण से बिजली महंगी होगी और सेवा की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि उत्तर प्रदेश में निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई और इसके लिए टेंडर जारी किए गए, तो बिजली कर्मचारी सामूहिक जेल भरो आंदोलन प्रारम्भ करेंगे। साथ ही संसद में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पारित करने की कोशिश पर देशभर में लाइटनिंग एक्शन की चेतावनी दी गई। सभा में आउटसोर्सिंग पर रोक, नियमित पदों पर सीधी भर्ती, आउटसोर्स कर्मियों का नियमितीकरण तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। विरोध सभा में पंकज कुशवाहा, कमलेश कुमार, रतन मिश्र, अतुल सिंह, रामेंद्र सिंह, सुनील यादव, धीरेंद्र पटेल, कीर्ति, सुरेश मौर्य सहित बड़ी संख्या में बिजली कर्मियों ने भाग लिया। सभी वक्ताओं ने सार्वजनिक बिजली व्यवस्था की रक्षा के लिए एकजुट होकर निर्णायक संघर्ष का संकल्प लिया।

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