मेला व प्रदर्शनी में किसानों ने सीखे जैविक खेती के गुण, आज नहीं तो कल

    जैविक खेती ही है हल, आज नहीं तो कल
मेला व प्रदर्शनी में किसानों ने सीखे जैविक खेती के गुण
फोटो परिचय-  किसानों को सम्मानित करते अतिथि।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। हथगाम विकास खंड के अब्दुल्लापुर बाकर में कृषि विभाग की सर्विस प्रोवाइडर ग्रीनरी एग्री बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड के तत्वाधान में नमामि गंगे योजना अंतर्गत जैविक कृषि मेला व प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मेले में तीन सौ ज्यादा किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों व मास्टर ट्रेनरो द्वारा बताए गए जैविक खेती व प्राकृतिक खेती के फायदे को ध्यानपूर्वक सुना।
ग्राम प्रधान जितेंद्र कुमार लोधी की अध्यक्षता में मेला व प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। डॉ. ओपी वर्मा सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक कृषि विभाग भारत सरकार ने कहा जैविक खेती मिट्टी की उर्वरता बनाए रखती है। पर्यावरण को सुरक्षित रखती है और फसल को स्वस्थ बनाती है। इसमें फसल चक्र, मिश्रित फसल और पशुपालन का एकीकृत उपयोग प्रमुख है। डा. शिवमंगल सिंह सेवानिवृत्त प्रोफेसर चंद्रशेखर आज़ाद कृषि विश्वविद्यालय ने नीम की खेती में उपयोगिता पर प्रकाश डाला। प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षक रमाकांत तिवारी ने जीवामृत, बीजामृत के बारे में जानकारी देकर सजीव प्रदर्शन कर किसानों को इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। मास्टर ट्रेनर बीरेंद्र सिंह यादव ने बिना रसायन फेरोमैन ट्रैप, ग्लू ट्रैप से कीट नियन्त्रण कर लागत कम करने पर ध्यान आकृषित किया। औषधीय खेती से लाभ प्राप्त करने की अमित श्रीवास्तव ने जानकारी दी। मेला में पीएम श्री योजना, किसान सम्मान निधि, यंत्रीकरण योजना आदि योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का सफल संचालन आलोक गौड़ व शिव सिंह सागर ने सयुक्त रुप से किया। प्रोजेक्ट क्वार्डिनेटर रमेश पटेल, विकास कुमार, बृजेश सिंह यादव, अनुपम सिंह चौहान, राहुल सिंह, रामौतार आदि रहे।

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