जालौन का सनसनीखेज कुठौंद थाना गोलीकांड—महिला सिपाही के मोबाइल ने खोले राज, पुलिस महकमे में हड़कंप
दीपक धुरिया जालौन अजरा न्यूज जालौन -कुठौंद थाना क्षेत्र में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की संदिग्ध मौत अब एक हाई-प्रोफाइल क्राइम केस बन चुकी है। प्रारंभिक तौर पर हादसा माने जा रहे इस मामले ने तब सनसनी फैला दी, जब जांच टीम ने आरोपी महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा का मोबाइल खंगाला। मोबाइल के अंदर दबी फाइलों ने पूरे जिले की पुलिस व्यवस्था को हिला कर रख दिया है।
★ मोबाइल की मेमोरी से निकले चौंकाने वाले राज
जांच सूत्रों के अनुसार, महिला सिपाही के मोबाइल फोन से कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे इस केस का एंगल पूरी तरह बदल गया है।
घटना से 72 घंटे पहले तक इंस्पेक्टर और महिला सिपाही के बीच 100 से ज्यादा बार संपर्क—सबसे ज्यादा वीडियो कॉल!
रात, सुबह और ड्यूटी घंटों के दौरान भी लगातार बात होती रही।
कॉलिंग पैटर्न ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है—इतना नॉर्मल नहीं माना जा सकता।
जांच अधिकारी अब हर कॉल का टाइमस्टैम्प, लोकेशन और चैट हिस्ट्री मैच कर रहे हैं ताकि घटना की असली टाइमलाइन तैयार हो सके।
★ सिर्फ एक इंस्पेक्टर से नहीं—10 से ज्यादा पुलिसवालों से संपर्क!
मोबाइल फोन की गहराई में जाकर जब चैट्स खोली गईं, तो जांच टीम को पता चला कि आरोपी महिला सिपाही सिर्फ एक इंस्पेक्टर नहीं बल्कि 10 से अधिक पुलिसकर्मियों से भी नियमित और गहरा संपर्क में थी।
कुछ चैट्स और कॉल्स इतनी लंबी हैं कि जांच अधिकारियों ने सीधा उन पुलिसकर्मियों की कॉल डिटेल रिपोर्ट भी निकलवा ली है।
अब यह जांच की जाएगी कि—
इस संपर्क का उद्देश्य क्या था?
कहीं इस कांड से जुड़ा कोई दबाव, विवाद या दुश्मनी तो नहीं?
या फिर इस संबंध का कोई और छुपा पहलू है?
★ एसपी के रडार पर आए कई अधिकारी
मोबाइल रिकॉर्ड में सामने आए नामों के बाद जालौन एसपी ने केस को अत्यधिक गंभीरता से लेते हुए इसे “हाई-सेंसिटिव” घोषित कर दिया है।
कई पुलिसकर्मी और अधिकारी अब सीधे एसपी के रडार पर हैं।
सूत्र बताते हैं—
कुछ ऑफीसरों से पूछताछ की जाएगी अगर जवाब संतोषजनक न मिला तो कार्यवाही निश्चित है
★ गोली कैसे चली?—अब यही सबसे बड़ा सवाल
जांच टीम ने घटनास्थल से जो सबूत जुटाए हैं, वे इस केस को और पेचीदा बना रहे हैं—
गोली का एंगल,
हथियार की दूरी,
कमरे की स्थिति,
और मौजूद पुलिसकर्मियों के बयानों में विरोधाभास।
महिला सिपाही का बयान भी घटनास्थल के तथ्यों से मेल नहीं खा रहा।
यही वजह है कि अब यह मामला सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि संभावित विवाद, व्यक्तिगत तनाव या कारणों की ओर इशारा कर रहा है।
★ महिला सिपाही से दूसरी राउंड की पूछताछ तय
मोबाइल से मिले नए राज सामने आने के बाद अब महिला सिपाही से दूसरी बार गहन पूछताछ की जाएगी।
इस बार सवाल होंगे—
मोबाइल पर इतनी बातचीत क्यों?
इंस्पेक्टर से आखिर क्या मुद्दा था?
घटना के ठीक पहले क्या बात हुई?
कमरे में वह कैसे पहुँची?
जांच अधिकारी डिजिटल सबूतों के साथ आमने-सामने सवाल करेंगे।
★जिले में मचा हड़कंप
इस मामले के खुलासों ने जिले की पुलिस लाइन से लेकर हर थाने तक हलचल मचा दी है।
कई पुलिसकर्मी परेशान हैं कि उनका नाम कहीं इस मामले में न आ जाए।
कप्तान के सख्त रवैये को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में—
कुछ पुलिसकर्मियों के सस्पेंशन,
विभागीय कार्रवाई,
और बड़े खुलासे संभव हैं।
★ केस के अगले अध्याय पर सबकी नज़र
अब इस केस की असली दिशा तय करेगा—
महिला सिपाही का मोबाइल,
फॉरेंसिक रिपोर्ट,
और घटना की सटीक टाइमलाइन।
कुठौंद गोलीकांड फिलहाल जालौन जिले का सबसे हाई-प्रोफाइल और रहस्यमय केस बन चुका है।
जांच की हर नई कड़ी इस मामले को और ज्यादा उलझा रही है, और लोगों में सिर्फ एक ही सवाल है—
