सुरक्षा उपकरणों के साथ ही मजदूरों से कराया जाए कार्य
– नियमों का हो पालन, हेलमेट और ग्लव्स का हो उपयोग
फोटो परिचय- युवा विकास समिति के प्रवक्ता आलोक गौड़। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। बिना सुरक्षा उपकरण के मजदूरों का काम करना एक गंभीर और आम समस्या है, जिससे निर्माण, बिजली और अन्य क्षेत्रों में दुर्घटनाओं, चोटों और यहां तक कि मौत का खतरा बढ़ जाता है। इसमें हेलमेट, ग्लव्स, सेफ्टी बेल्ट की कमी, ठेकेदारों की लापरवाही और मजदूरों की असुविधा का बहाना शामिल है और इससे बचाव के लिए सख्त नियमों, उपकरणों की उपलब्धता और निरीक्षण की ज़रूरत है।
मलवां थाना क्षेत्र के सौरा स्थित फैक्ट्री के समीप नाला निर्माण के दौरान बिना आवश्यक उपकरणों के कार्य कर रहे मजदूरों के ऊपर एक दीवार गिर गई जिसमें चार मजदूर दब गए और जब तक निकाला गया तो एक मजदूर की मौत हो गई थी जबकि तीन मजदूर गंभीर रूप से घायल है जिनका इलाज चल रहा है। युवा समाजसेवी युवा विकास समिति के प्रवक्ता आलोक गौड़ ने इस मामले में चिंता जाहिर करते हुए कहा कि श्रमिकों को हेलमेट और ग्लव्स देकर उनका उपयोग कराना चाहिए इसके लिए वृहद जागरूकता की आवश्यकता है। औद्योगिक कस्बा क्षेत्र में इस तरीके के लापरवाही ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बावजूद भी उन मजदूरों की फिक्र करने वाला नहीं है। श्रमिकों के पक्ष में बात करने वाला कोई नहीं है क्योंकि यह दूसरे प्रांत के थे और ठेकेदार के अधीन काम कर रहे थे। फिलहाल मामले की जांच होगी कि नहीं होगी यह भी संशय बना हुआ है। मजदूर की मौत से एक गरीब परिवार उजड़ गया और ऐसा पहली बार नहीं है बिजली के पोल में बिना आवश्यक उपकरणों के चढ़ने वाले संविदा कर्मचारी भी आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। ऊंची बिल्डिंग, इमारत पर काम करने वाले मजदूर का क्या हाल हो रहा है यह किसी से छिपा नहीं है। जहां कहीं भी निर्माण कार्य हो तो नियम बनना चाहिए कि श्रमिकों को हेलमेट और ग्लव्स सहित आवश्यक उपकरण जरूर दिए जाएं और उनका उपयोग किया जाए।