तिहरे हत्याकांड के पीड़ितों को सहायता के नाम पर शासन ने किया मजाक: टिकैत

     तिहरे हत्याकांड के पीड़ितों को सहायता के नाम पर शासन ने किया मजाक: टिकैत
अमेरिका-भारत ट्रेड डील से किसान होगा प्रभावित
फोटो परिचय- पत्रकारों से बातचीत करते भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर– भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि एक ही परिवार की तीन हत्याओं को देखते हुये शासन व प्रशासन ने जो मुआवजा राशि उपलब्ध कराई वह बहुत कम है। मुआवजा की धनराशि बढ़ाई जाए। उन्होने कहा कि जानकारी मिली है कि प्रशासन ने पीड़ित परिवार की मांगे मान ली हैं। अगर समय से मांगों पर अमल नहीं किया गया तो फिर सड़क पर उतरना किसान यूनियन की मजबूरी होगी। ईरान-अमेरिका/इजराईल युद्ध पर जवाब देते हुए कहा कि इसका सीधा असर जनता पर पड़ेगा। वह आज एक पूर्व अखरी गांव में हुए तिहरे हत्याकांड की बरसी पर अखिरी गांव पहुंच कर मृतक परिजनों को ढांढ़स बंधाया और उनके हर संघर्ष पर साथ देने का वायदा भी किया।
अखरी गांव में आयोजित मृतकों के बरसी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजेश यादव के खागा स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि देश में कानून बनना चाहिए जिसके तहत हत्या करने वालों की सम्पत्ति जब्त कर मृतक परिवार को दे दी जाए। उन्होने कहा कि सरकार ने मृतकों के आश्रितों को जो मुआवजा राशि दी है, वह ऊंट के मुंह में जीरा वाली कहावत को चरितार्थ करती है। टिकैत ने मांग किया कि मृतकों की मुआवजा राशि बढ़ाई, जिससे मृतक आश्रित को जीवन यापन करने में कोई कठिनाई न हो। एक सवाल का जवाब देते हुए कि परिजनों से बात करेंगे। शायद मंगलवार को जिला प्रशासन से बातचीत हुई जल्दी ही मृतक आश्रित को नौकरी दी जायेगी। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए श्री टिकैत ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसान प्रभावित होगा। किसानों को उपज का उचित दाम नहीं मिल पाएगा जबकि विदेश से आया हुआ अमेरिकी उत्पाद मूल्यों को प्रभावित करेगा। वहीं ईरान, अमेरिका-इजराई युद्ध के पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि इसका सीधा असर भारत के किसानों और आम जनता पर पडे़गा। रसोई गैस, सीएनजी, डीजल-पेट्रोल और देशी उत्पादों पर युद्ध का प्रभाव पड़ना तय है। उन्होने कहा कि फिलहाल युद्ध पन्द्रह दिनों के लिसे टाल दिया गया है। समस्या का समाधान शांति वार्ता के जरिए होना चाहिए।

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