एक घर में बह रहा सरकारी पानी, पूरा मोहल्ला सूखा ! दबंगों की कैद में समर-फीजर

     एक घर में बह रहा सरकारी पानी, पूरा मोहल्ला सूखा! दबंगों की कैद में समर-फीजर

दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन– सहाव नाका मोहल्ले में सरकारी व्यवस्था की हालत उस समय बेनकाब हो गई, जब पूरे मोहल्ले को पानी देने वाला सरकारी समर और फीजर दबंगों के घर की चारदीवारी में कैद मिला। कैलाश और राजा नामक दबंगों ने सरकारी जलस्रोत पर कब्जा कर उसे निजी उपयोग में ले लिया, जिससे दर्जनों परिवार पानी की बूंद-बूंद को तरसने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले दबंगों ने सरकारी समर और फीजर को अपने घर के बाहर निजी भूमि पर लगवाया। इसके बाद चारदीवारी खड़ी कर पूरे सरकारी संसाधन को पूरी तरह हड़प लिया गया। आज स्थिति यह है कि जो नल कभी पूरे मोहल्ले की प्यास बुझाता था, वह अब केवल एक परिवार की सुविधा बनकर रह गया है।
मोहल्लेवासियों का आरोप है कि कैलाश और राजा नगर पालिका में मजबूत पकड़ रखते हैं। इसी संरक्षण के चलते अब तक उनके द्वारा दो अवैध कॉलोनियां विकसित की जा चुकी हैं, जबकि तीसरी कॉलोनी की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद न नगर पालिका ने कार्रवाई की और न ही प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया।
कार्रवाई के अभाव में दबंगों के हौसले इतने बढ़ चुके हैं कि वे खुलेआम सरकारी संपत्ति पर कब्जा जमाए बैठे हैं। दूसरी ओर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। मोहल्ले में आक्रोश का माहौल है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकारी समर-फीजर ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होगी।


अब चेतावनी के मूड में मोहल्लेवासी
मोहल्ले के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि
— कैलाश और राजा द्वारा विकसित सभी कॉलोनियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
— सरकारी समर और फीजर को कब्जे से मुक्त कर सार्वजनिक स्थल पर पुनः स्थापित किया जाए।
— दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने का साहस न कर सके।
मोहल्लेवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब तक आंख मूंदे रहता है और कब सरकारी संपत्ति को दबंगों की कैद से आज़ाद कराता है।

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