हमीरपुर: ग्राम विकास अधिकारी निलंबित, आरोपों की जांच के आदेश
संदीप धुरिया अजरा न्यूज हमीरपुर — जनपद में प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए ग्राम विकास अधिकारी दीपक कुमार को गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला विकास अधिकारी हमीरपुर राघवेन्द्र सिंह द्वारा की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकास खंड गोहाण्ड में तैनात ग्राम विकास अधिकारी दीपक कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोपों में ग्राम मसरांवां में शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रम “गोवंश आश्रय स्थल” के समुचित प्रबंधन में लापरवाही, मृत दो गोवंशों के शवों का समय से निस्तारण न कराना, बिना सूचना व पूर्व अनुमति के कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित रहना शामिल है।
इसके अतिरिक्त उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बावजूद अपेक्षित प्रगति में सुधार न करना, आदेशों की अवहेलना करना तथा अपने पदस्थ दायित्वों का समुचित निर्वहन न करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
निलंबन अवधि में ग्राम विकास अधिकारी दीपक कुमार को विकास खंड कार्यालय राठ से संबद्ध किया गया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि बिना पूर्व अनुमति के वह मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, जो शासन के नियमों के अंतर्गत प्रदान किया जाएगा।
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए खंड विकास अधिकारी सरीला को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि आरोपी को 15 दिवस के भीतर आरोप पत्र तामील कराएं तथा 45 दिवस के भीतर जांच आख्या प्रस्तुत करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच अवधि के दौरान यदि कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं, तो उनके आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। यह कदम शासन की योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति शून्य सहनशीलता नीति को दर्शाता है।

