ग्रामीण रोजगार को कानूनी अधिकार बनाने वाला ऐतिहासिक अधिनियम – संजय सिंह गंगवार
ग्रामीण रोजगार को कानूनी अधिकार बनाने वाला ऐतिहासिक अधिनियम – संजय सिंह गंगवार
ग्रामीण रोजगार को कानूनी अधिकार बनाने वाला ऐतिहासिक अधिनियम — संजय सिंह गंगवार
दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन – प्रभारी मंत्री एवं गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री उत्तर प्रदेश श्री संजय सिंह गंगवार ने कहा कि विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) — वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह अधिनियम रोजगार को योजना नहीं बल्कि कानूनी अधिकार के रूप में स्थापित करता है।
विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रभारी मंत्री ने बताया कि अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। साथ ही काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता स्वतः देय होगा। मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा भी श्रमिकों को दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अब योजनाओं का निर्माण ग्राम सभा स्तर पर होगा और कोई भी कार्य ऊपर से नहीं थोपा जाएगा। अधिनियम के अंतर्गत कार्यों को जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन एवं जलवायु परिवर्तन से संबंधित चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि सभी कार्य विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक पर दर्ज होंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। कृषि हितों को ध्यान में रखते हुए बुवाई एवं कटाई के प्रमुख समय में 60 दिनों तक कार्य नहीं कराए जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा के अंतर्गत चल रहे सभी कार्य सुरक्षित हैं और नए अधिनियम के लागू होने के बाद रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे। साथ ही अधिनियम की जानकारी के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए।
प्रेस वार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, एमएलसी रमा निरंजन, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार सहित जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।