मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियां, मौनी अमावस्या को भी जारी रहा अवैध खनन
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ खागा/ फतेहपुर : प्रदेश सरकार द्वारा मौनी अमावस्या जैसे पावन पर्व पर खनन गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंधों को खागा तहसील क्षेत्र में खुलेआम नजरअंदाज किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शासन-प्रशासन के आदेश कागजों तक सीमित साबित हुए।
खागा तहसील के किशनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत संगोलीपुर खनन खंड में प्रतिबंधित भारी बड़ी मशीनों (पोकलेन, जेसीबी आदि) से खुलेआम खनन कार्य किया गया। नियमों के अनुसार इस अवधि में खनन पूर्णतः प्रतिबंधित था, इसके बावजूद यमुना नदी के सीने को छलनी किया गया।
इस पूरे प्रकरण में खनिज अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। बिना संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर खनन संभव नहीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभागीय मिलीभगत से नियमों की अनदेखी की जा रही है।
यमुना नदी में बढ़ते अवैध खनन को रोकने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। यह कोई पहला मामला नहीं है, पूर्व में एसटीएफ द्वारा कई जिलों में अवैध खनन में संलिप्त अधिकारियों पर कार्यवाही की जा चुकी है, फिर भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
इस विषय पर गंगा समग्र ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि यमुना नदी को अवैध खनन से नहीं बचाया गया तो व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।
बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पर्यावरण प्रहरी प्रवीण पांडेय ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“यमुना केवल नदी नहीं, हमारी सांस्कृतिक और जीवनदायिनी धरोहर है। मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद मौनी अमावस्या जैसे पवित्र दिन पर बड़ी मशीनों से खनन होना यह दर्शाता है कि खनन माफिया शासन से भी ऊपर हो चुके हैं। यदि प्रशासन ने तत्काल ठोस कार्रवाई नहीं की तो बुंदेलखंड राष्ट्र समिति और गंगा समग्र मिलकर यमुना को बचाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेंगे।”
स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण संगठनों ने मांग की है कि दोषी खनन संचालकों, संबंधित अधिकारियों एवं संरक्षण देने वालों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शासन की विश्वसनीयता बनी रह सके।