जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के निर्देश पर जिला कारागार का निरीक्षण

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के निर्देश पर जिला कारागार उरई का मासिक निरीक्षण
दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन उरई– उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देश एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जि.वि.से.प्रा. श्री विरजेन्द्र कुमार सिंह के आदेशानुसार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे एवं पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शाम्भवी ने बुधवार को जिला कारागार उरई का मासिक भ्रमण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर निरुद्ध बंदियों से संवाद किया तथा उनकी समस्याओं को सुनकर जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर समस्त जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।
सचिव श्रीमती शाम्भवी ने बंदियों के मुकदमों की पैरवी, उन्हें उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता, महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा एवं खान-पान व्यवस्था की जानकारी ली। छोटे बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के संबंध में पूछे जाने पर जेल प्रशासन ने बताया कि बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र भेजा जाता है।
निरीक्षण के दौरान निर्देशित किया गया कि जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं अथवा जिनकी न्यायालयों में समुचित पैरवी नहीं हो पा रही है, उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी विचाराधीन बंदी को सरकारी खर्च पर अधिवक्ता की आवश्यकता हो तो संबंधित न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर एमाइकस क्यूरी (न्यायमित्र) की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
साथ ही प्ली बार्गेनिंग योजना की जानकारी देने के लिए विधिक जागरूकता शिविरों का नियमित आयोजन कराने तथा ऐसे बंदियों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, जिन्होंने अपने अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम सजा का आधा या एक-तिहाई समय व्यतीत कर लिया है, ताकि उनके प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही की जा सके।
पाकशाला के निरीक्षण में स्वच्छता संतोषजनक पाई गई, वहीं जेल चिकित्सालय की प्रविष्टियां भी सही पाई गईं। निरीक्षण के समय जिला अस्पताल उरई से आई टीम द्वारा बंदियों के एचआईवी/सिफलिस परीक्षण की प्रक्रिया जारी थी, जिसमें जेल प्रशासन पूर्ण सहयोग कर रहा था।
दोषसिद्ध बंदियों की अपील समय पर दाखिल कराने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए, ताकि अपील की समय-सीमा समाप्त न हो। किसी प्रकार की विधिक समस्या होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से समन्वय स्थापित कर उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति से आवश्यक पत्राचार सुनिश्चित करने को कहा गया।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री नीरज देव, जेल चिकित्सक डॉ. राहुल बर्मन, उप कारापाल श्री अमर सिंह एवं श्री रामलखन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक श्री शुभम शुक्ला उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *