एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ, कैंसर से बचाव को लेकर जागरूकता
एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ, कैंसर से बचाव को लेकर जागरूकता
जालौन में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ, कैंसर से बचाव को लेकर जागरूकता
दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन — जनपद में महिलाओं एवं किशोरियों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 28 मार्च को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालौन में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशानुसार प्रारंभ किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती उषा गुप्ता एवं महिला मोर्चा महामंत्री डॉ. रंजना दुबे द्वारा किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं समस्त स्टाफ मौजूद रहे। अभियान की शुरुआत हदरूक निवासी प्राची दुबे को टीका लगाकर की गई।
इस अवसर पर चिकित्सकों ने एचपीवी वैक्सीन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि यह टीका ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाव में अत्यंत प्रभावी है। यही वायरस आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी का कैंसर) सहित अन्य प्रकार के कैंसर और जननांग मस्सों का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी एक सामान्य वायरस है, जो त्वचा से त्वचा के संपर्क के माध्यम से फैलता है। कई मामलों में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन इसके कुछ प्रकार बेहद खतरनाक होते हैं और कैंसर का कारण बन सकते हैं।
चिकित्सकों ने बताया कि यह वैक्सीन लड़कियों और लड़कों—दोनों के लिए लाभकारी है। 9 से 14 वर्ष की आयु में टीकाकरण सबसे प्रभावी माना जाता है, जबकि 15 से 26 वर्ष तक की आयु में भी डॉक्टर की सलाह पर यह टीका लगवाया जा सकता है। 9–14 वर्ष के बच्चों को 2 डोज़ और 15 वर्ष से अधिक आयु वालों को 3 डोज़ दी जाती हैं।
टीकाकरण के दौरान होने वाले सामान्य दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इंजेक्शन वाली जगह पर हल्का दर्द या सूजन, हल्का बुखार या सिरदर्द हो सकता है, जो कुछ समय में स्वतः ठीक हो जाता है।
अंत में स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण वैक्सीन का लाभ उठाएं और समय पर टीकाकरण कराकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव सुनिश्चित करें। साथ ही महिलाओं को नियमित रूप से सर्वाइकल स्क्रीनिंग कराने की भी सलाह दी गई।