मगफिरत का अशरा शुरू, ज्यादा से ज्यादा करें इबादत – फ़ज़रूर रहमान

        वरिष्ठ समीक्षक व पत्रकार “फ़ज़रूर रहमान”, पूर्व प्रवक्ता एमआईसी फतेहपुर

मगफिरत का अशरा शुरू, ज्यादा से ज्यादा करें इबादत
रोजा न रखने वाला अक्लमंद बालिग मुसलमान गुनेहगार
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर— रमजान माह का दूसरा अशरा शुरू हो गया है। दूसरे अशरे पर हाफिज अकील ने कहा कि मगफिरत वाले इस अशरे में ज्यादा से ज्यादा इबादत करके अपने परवरदिगार को याद करें क्योंकि पैगम्बरे इस्लाम ने इरशाद फरमाया कि शाबान मेरा महीना है और रमजान अल्लाह तआला का महीना है। लिहाजा जो बंदा पूरे माह के रोजे रखता है तो अल्लाह तआला उसके गुनाहों को बक्श देता है और रोजदार जन्नत (स्वर्ग) का हकदार हो जाता है।
हाफिल अकील ने कहा कि जो आकिल (अक्लमंद) बालिग मुसलमान रोजा नहीं रखता वह गुनेहगार है और रमजान का रोजा एक भी जान बूझकर छोड़ता है तो वह पूरी जिन्दगी रोजा रखे तो भी छोड़े हुए एक रोजे की भरपाई नहीं कर सकता क्योंकि पैगम्बरे इस्लाम ने इरशाद फरमाया कि जो मुसलमान बगैर शरई उज्र के एक भी रोजा छोड़ता है तो वह गुनेहगार होगा लिहाजा नमाज की पाबंदी के साथ-साथ रोजे भी पाबंदी से रखें क्योंकि इस माह में अल्लाह के नजदीक रोजे से बढ़कर कोई इबादत नहीं है। रमजान माह में जन्नत यानी (स्वर्ग) के दरवाजे अल्लाह के बंदों के लिए खोल दिये जाते हैं। कहा कि मालदारों को चाहिए कि वह बेवा, गरीब, यतीम, मिस्कीन जो अपने बच्चों के खाने-पीने का अच्छा इंतजाम नहीं कर सकते उन पर खुसूसी तवज्जो दें। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों से अपील किया कि आने वाले सभी त्योहारों को मिलजुल कर मनाएं और समाज मे अमनो शांति का पैगाम दें।

वरिष्ठ समीक्षक व पत्रकार “फ़ज़रूर रहमान”, पूर्व प्रवक्ता एमआईसी फतेहपुर

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