लखनऊ से मायूस लौटे मरीज का हुआ सफल आपरेशन, डा0 भूपेंद्र सिंह ने की सफल सर्जरी

        लखनऊ से मायूस लौटे मरीज का बाँदा में हुआ सफल आपरेशन 
  डा0 भूपेंद्र सिंह ईएनटी ने की सफल सर्जरी  

सुरेंद्र धुरिया अज़रा न्यूज़ बांदा — बाँदा- रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बाँदा के नाक कान गला एवं कैंसर रोग विशेषग्य डाक्टर भूपेंद्र सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अगर कोशिश की जाए तो कुछ भी असम्भव नहीं है होता ।

आपको बतादें की बाँदा के सिमौनी के रहने वाले 17 वर्सीय् उत्तम पुत्र चुनुबाद को बचपन से नाक में दिक्कत थी अक्सर उसे जुकाम रहता था जुकाम ज्यादा होने पर वो जुकाम की दवा करा लेता था लेकिन कुछ समय आराम मिलने के बाद उसे फिर जुकाम हो जाता था पिछले 6 महीने से उसे ज्यादा दिक्कत हो रही थी जुकाम होने के साथ साथ नाक से खून आने लगा था,और नाक से सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी थी उत्तम के परिजन बाँदा के कई डॉक्टरों को दिखाने के बाद उसे लखनऊ ले गए लखनऊ में डॉक्टरों ने जांच कराई तो युवक की नाक के अंदर नस में 3 बाई 3 सेंटीमीटर के ट्यूमर (JNA)होने की जानकारी हुई नाक के अंदर नस में इतना बड़ा ट्यूमर होने की जानकारी मिलने के बाद लखनऊ के डॉक्टरों ने आपरेशन करने से मना कर दिया और मरीज को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी मरीज के परिजन गरीब थे तो वो वापस लौट आये और बाँदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के ई एन टी सर्जन डाक्टर भूपेंद्र सिंह को दिखाया डाक्टर भूपेंद्र सिंह ने मरीज को कॉलेज में भर्ती कर लिया और मंगलवार को सफल सर्जरी कर के मरीज की नाक के अंदर नस से 3 बाई 3 सेंटीमीटर का ट्यूमर (JNA) निकाल दिया ।


डाक्टर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि ये ट्यूमर नस में था आपरेशन बहुत जटिल था लेकिन वो इससे पहले भी इस तरह के ऑपरेशन कर चुके हैं इसी लिए सीमित संसाधन के बावजूद भी उन्होंने ये सफल आपरेशन कर दिया ।
डाक्टर भूपेंद्र सिंह ने आगे बताया कि इस ऑपरेशन में लगभग 5 से 6 घण्टे लगे हैं और इस ऑपरेशन में मरीज को सरकारी फीस के अलावा कोई खर्च नहीं लगा है अगर ये आपरेशन किसी बड़े शहर के प्राइवेट हॉस्पिटल में होता तो लाखों खर्च हो जाते ।
कॉलेज के प्रधानाचार्य डाक्टर एस के कौशल ने इस सफल आपरेशन के लिए डाक्टर भूपेंद्र और उनकी टीम को बधाई दी है ।
लगभग 6 घण्टे चले इस ऑपरेशन में डाक्टर भूपेंद्र सिंह ई एन टी एवं कैंसर रोग विशेषग्य के साथ ई एन टी सर्जन डाक्टर कबीर, डाक्टर प्रियंका , डाक्टर कपिल, डाक्टर मृत्युंजय मल्होत्रा, डाक्टर सुरभि राजोरिया, एनेस्थीसिया विभाग से डॉक्टर सुशील पटेल ,डाक्टर प्रिया दीक्षित, डाक्टर आशुतोष वर्मा, डाक्टर पंकज, डाक्टर अजीत, डाक्टर विनीत, डाक्टर सायबा, ओटी स्टाफ से प्रिया,अवधेश कुमार आदि ने सहयोग किया ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *