पत्रकार द्वारा पुलिस की दबंगई उजागर करने पर पुलिस ने छीना पत्रकार का मोबाइल, CCTV में कैद मामला
दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन — 22 दिसम्बर 2025 की रात्रि लगभग 8:24 बजे, जुलैठी चौराहा मस्जिद के पास संभावित हंगामे की सूचना कोतवाली कालपी को दी गई थी। सूचना देने के बावजूद मौके पर पहुँची पुलिस टीम पर आरोप है कि सच्चाई सामने न आए, इस उद्देश्य से वहाँ मौजूद एक पत्रकार का मोबाइल फोन जबरन छीन लिया गया तथा उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
पीड़ित पत्रकार के अनुसार, रात्रि लगभग 8:40 बजे वे स्वयं कोतवाली कालपी पहुँचे और अपना परिचय पत्रकार के रूप में दिया, इसके बावजूद कोतवाल श्री अजय ब्रह्म तिवारी द्वारा मोबाइल फोन वापस नहीं किया गया। आरोप है कि इस दौरान पत्रकार के साथ ‘तू-तड़ाक’ एवं अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। विरोध करने पर कोतवाल द्वारा कहा गया—
“अभद्रता ही हमारी मातृभाषा है।”
करीब रात्रि 9:10 बजे पत्रकार का मोबाइल फोन वापस किया गया।
बताया गया कि पूरी घटना कोतवाली कालपी में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड है, जो प्रकरण की निष्पक्ष जांच का महत्वपूर्ण साक्ष्य है।
पत्रकारों एवं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की आज़ादी तथा नागरिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
सच दिखाना और बताना कोई अपराध नहीं है।
प्रशासन से मांग
पत्रकार संगठनों ने जिला प्रशासन एवं पुलिस के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि—
कोतवाली कालपी की CCTV फुटेज तत्काल सुरक्षित कराई जाए
मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए
दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाए
भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए गंभीर खतरा साबित होगा।
