युद्ध समाप्ति व विश्व शांति हेतु मोमबत्तियां जलाकर की प्रार्थना

    युद्ध समाप्ति व विश्व शांति हेतु मोमबत्तियां जलाकर की प्रार्थना
शांति पहल में जनमानस करे समर्थन: डा. अनुराग
फोटो परिचय-  मोमबत्तियां जलाकर विश्व शांति की कामना करते रेडक्रास के पदाधिकारी।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर– इंडियन रेडक्रास सोसाइटी के चेयरमैन एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ अनुराग श्रीवास्तव के नेतृत्व में चौक चौराहे पर सदस्यों ने पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध की समाप्ति व विश्व शांति हेतु मोमबत्तियां जलाकर प्रार्थना की।
डॉ अनुराग ने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कुछ लोग हर रात एक निश्चित समय पर अपना काम रोककर सभी के लिए शांति और सुरक्षा की प्रार्थना करते थे। वे ऐसा प्रतिदिन करते थे और ऐसा लगता था मानो पूरा शहर थम गया हो प्रार्थना की शक्ति इतनी अद्भुत थी। इसका परिणाम इतना प्रभावशाली रहा कि कुछ ही समय बाद बमबारी रुक गई। इसी भाव से अब एक बार फिर हम सभी लोग एकत्रित हुए हैं व अपने अपने देशों की सुरक्षा व हमें सताने वाली समस्याओं के अंत के लिए ईश्वर के मार्गदर्शन के लिए एक मिनट प्रार्थना करने का संकल्प लिया है। डॉ अनुराग ने सभी जनपदवासियों से अपील किया कि इस पहल में हमारा समर्थन करें व हर दिन हम निर्धारित समय पर एक मिनट के लिए रुककर विश्व शांति, संघर्षों के अंत और पृथ्वी पर सभी लोगों के लिए शांति और सुरक्षा की बहाली के लिए प्रार्थना करेंगे क्योंकि प्रार्थना में अपार शक्ति होती है। हमें देश की स्थिति को समझना चाहिए और घबराहट नहीं फैलानी चाहिए। देश में आवश्यक सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। साथ ही डॉ अनुराग ने कहा कि युद्ध के समय में कुछ परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन हमें इसका सामना करना चाहिए। हमें ईंधन का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए और अफवाहों से बचना चाहिए। देश के साथ मिलकर चलने से ही हम इस स्थिति से निपट सकते हैं। इस अवसर पर कैप्टन लालजी श्रीवास्तव, दिलीप कुमार श्रीवास्तव, शैलेंद्र सिंह, शैलेंद्र अग्निहोत्री, हर्षवर्धन शर्मा, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, रामप्रकाश मौर्य, उमेश कुमार श्रीवास्तव, प्रशांत पाटिल, अभिनव श्रीवास्तव, शरद श्रीवास्तव, केके सिंह, सुरेश कुमार श्रीवास्तव, चैतन्य कुमार, अर्जुन गुप्ता, जीतू हयारण, विकास श्रीवास्तव एडवोकेट, शोएब निहाल, फैसल, विवेक सिन्हा, राजेश राजन, वेदप्रकाश गुप्ता सहित तमाम लोगों ने उपस्थित होकर प्रार्थना की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *