सत्तर रुपये किलो तक पहुंचा भाव, जमाखोरी की चर्चाओं से हड़कंप

 त्योहार से पहले चीनी के दामों में लगी आग
सत्तर रुपये किलो तक पहुंचा भाव, जमाखोरी की चर्चाओं से हड़कंप
फोटो परिचय-  चीनी।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले ही चीनी के दामों में अचानक आए उछाल ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। जिले के बाजारों में चीनी के फुटकर भाव 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। वहीं कुछ समय पहले तक करीब 4500 से 4600 रुपये प्रति कुंतल बिकने वाली चीनी अब थोक बाजार में 5900 से 6000 रुपये प्रति कुंतल तक पहुंच गई है। अचानक बढ़े दामों ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। त्योहारों से ठीक पहले कीमतों में इस तरह की तेजी को लेकर बाजार में जमाखोरी और कालाबाजारी की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि चीनी के थोक भाव में अचानक हुई बढ़ोतरी का सीधा असर फुटकर बाजार पर पड़ा है। शुगर स्टॉकिस्टों का कहना है कि मिलर्स की ओर से चीनी के दाम बढ़ाए गए हैं। थोक में महंगी खरीद होने के कारण फुटकर विक्रेताओं को भी बढ़े हुए दामों पर बिक्री करनी पड़ रही है। हालांकि, कीमतों में इतनी बड़ी तेजी के पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसे लेकर बाजार में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। त्योहारों के दौरान घरों में मिठाई, पकवान और अन्य खाद्य सामग्री बनाने के लिए चीनी की मांग सामान्य दिनों की अपेक्षा बढ़ जाती है। ऐसे समय में चीनी के दामों में अचानक उछाल ने गृहणियों और आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता के सामने अब त्योहार मनाना भी महंगा पड़ता जा रहा है। दूसरी ओर, चीनी की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के बीच जमाखोरी और कालाबाजारी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि त्योहारों में मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए कहीं कारोबारी बड़े पैमाने पर चीनी का स्टॉक तो नहीं रोक रहे हैं। हालांकि, किसी कारोबारी द्वारा जमाखोरी किए जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी वास्तविकता संबंधित विभाग की जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। कीमतों में उछाल और जमाखोरी की शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन के स्तर से भी बाजार पर निगरानी बढ़ाए जाने की बात कही जा रही है। संबंधित अधिकारियों को स्टॉक की जांच करने और कहीं अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी है। ऐसे में अब देखना होगा कि बाजार में चीनी के स्टॉक और थोक-फुटकर कीमतों की जांच के बाद क्या तस्वीर सामने आती है। त्योहार से ठीक पहले चीनी के दामों में करीब 10 से 20 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी ने आम आदमी के घरेलू बजट पर सीधा असर डाला है। उपभोक्ताओं की नजर अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। यदि जांच में जमाखोरी या कालाबाजारी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के साथ-साथ बाजार में चीनी के दामों को नियंत्रित करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होगी।

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